आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल ने रविवार को भाजपा पर स्वतंत्रता सेनानी भगत सिंह और समाज सुधारक भीमराव अंबेडकर की विरासत का अनादर करने का आरोप लगाया. दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री ने सत्तारूढ़ भाजपा पर कटाक्ष करते हुए कहा कि "आज के शासक अंग्रेजों से भी बदतर हैं."
केजरीवाल ने कहा, 'भगत सिंह जी ने जेल से कई चिट्ठियां लिखीं थीं जो अंग्रेज़ों ने उनके लोगों तक पहुंचाईं लेकिन मैंने जेल से एलजी साहब को एक चिट्ठी क्या लिखी, मुझे नोटिस आ गया था. क्या हमारे शहीदों ने ऐसी आज़ादी के लिए बलिदान दिया था?'
गोपाल राय ने हार की तुलना अभिमन्यु से की
केजरीवाल AAP के 'एक शाम शहीदों के नाम' कार्यक्रम में बोल रहे थे, जो विधानसभा चुनाव हारने के बाद दिल्ली में उनकी पहली सार्वजनिक उपस्थिति थी. उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी सत्ता के लिए नहीं, बल्कि भगत सिंह और अंबेडकर के सपनों को पूरा करने के लिए राजनीति में आई है.
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AAP के वरिष्ठ नेता गोपाल राय ने दिल्ली में अपनी पार्टी की हालिया चुनावी हार की तुलना महाभारत के "चक्रव्यूह" में अभिमन्यु के फंसने और धोखा देने से की. उन्होंने जोर देकर कहा कि जिस तरह अभिमन्यु ने बहादुरी से लड़ाई लड़ी, AAP भी अधिक ताकत के साथ फिर से उभरेगी. यह कार्यक्रम आप मुख्यालय में स्वतंत्रता सेनानी भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को शहीदी दिवस के उपलक्ष्य में श्रद्धांजलि देने के लिए आयोजित किया गया था.
इस कार्यक्रम में मनीष सिसोदिया, सांसद संजय सिंह, दिल्ली विधानसभा में विपक्ष की नेता आतिशी, पार्टी की दिल्ली इकाई के प्रमुख सौरभ भारद्वाज, गोपाल राय, विधायक, पार्षद और अन्य पार्टी कार्यकर्ताओं सहित आप के वरिष्ठ नेता शामिल हुए. इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केजरीवाल ने कहा, "हमारे आदर्श बाबासाहेब अंबेडकर और भगत सिंह हैं. भगत सिंह कहते थे कि केवल अंग्रेजों को हटाना ही काफी नहीं है, समाज का ढांचा बदलना होगा. अन्यथा, अंग्रेजों की जगह भूरे शासक ले लेंगे."
भाजपा पर आरोप
केजरीवाल ने कहा, "बिलकुल यही हुआ है और आज के शासक अंग्रेजों से भी बदतर हैं." आप सुप्रीमो ने दावा किया कि दिल्ली में सत्ता संभालने के 48 घंटे के भीतर ही भाजपा ने सरकारी कार्यालयों से भगत सिंह और अंबेडकर की तस्वीरें हटा दीं. उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने पहले उनकी तस्वीरें लगाए जाने की निंदा की थी, लेकिन जब भाजपा ने उन्हें हटाया तो वह चुप रही.
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उन्होंने कहा, "मैं उनसे पूछना चाहता हूं कि क्या कोई ऐसा है जिसने देश के लिए भगत सिंह से अधिक बलिदान दिया हो." केजरीवाल ने कहा कि ब्रिटिश शासन के दौरान भी भगत सिंह को जेल से पत्र लिखने की अनुमति थी. उन्होंने बताया कि जब उन्होंने (केजरीवाल ने) जेल में रहते हुए उपराज्यपाल को पत्र लिखा तो उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया.