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ओवैसी को नहीं रोका, मुझे क्यों? मैं तो सबसे शांतिप्रिय हूं: केजरीवाल

यूपी के दादरी में गोमांस खाने की अफवाह को लेकर मार दिए गए इखलाक के परिवार से दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मुलाकात की और दलों पर अपने वोटबैंक के लिए हिन्दुओं और मुसलमानों के बीच जहर फैलाने का आरोप लगाया. शुरुआत में प्रशासन द्वारा रोके जाने के बाद दिल्ली के मुख्यमंत्री को जाने की इजाजत मिली थी.

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यूपी के दादरी में गोमांस खाने की अफवाह को लेकर मार दिए गए इखलाक के परिवार से दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मुलाकात की और दलों पर अपने वोटबैंक के लिए हिन्दुओं और मुसलमानों के बीच जहर फैलाने का आरोप लगाया. शुरुआत में प्रशासन द्वारा रोके जाने के बाद दिल्ली के मुख्यमंत्री को जाने की इजाजत मिली थी.

शुरू में स्थानीय पुलिस ने बढ़ते तनाव को देखते हुए आप संयोजक से बिसहड़ा गांव ना जाने को कहा था. कुछ स्थानीय लोगों ने भी नेताओं और मीडियाकर्मियों समेत बाहर से आ रहे लोगों के खिलाफ प्रदर्शन किया जो सोमवार की रात को हुई घटना के बाद से लगातार गांव का रूख कर रहे हैं.

मुख्यमंत्री ने सवाल किया कि प्रशासन ने क्यों एआईएमआईएम के नेता असदुद्दीन ओवैसी और केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा को कल पीड़ित के परिवार से मिलने से नहीं रोका और आरोप लगाया कि दूसरे दल राजनीतिक लाभ के लिए माहौल खराब कर रहे हैं.

राजनीतिक दल वोट बैंक की राजनीति कर रहे

उन्होंने कहा, ‘दादरी में जो हुआ वह मानवता के खिलाफ है. यह पूरी तरह गलत है. इससे ना तो हिन्दुओं को और ना ही मुस्लिमों को, किसे फायदा पहुंचा. केवल राजनीतिक दल और नेता लाभान्वित हो रहे हैं.’ आप नेता ने कहा कि राजनीतिक दल वोट बैंक की राजनीति कर रहे हैं.

उन्होंने कहा, ‘दोनों समुदायों के बीच जहर फैलाकर एक राजनीतिक दल हिन्दू वोट बैंक मजबूत करने की कोशिश कर रहा है जबकि दूसरा मुस्लिमों को अपना वोट बैंक बनाने में लगा है.’ केजरीवाल ने कहा, ‘अगर किसी को लगता है कि हिन्दू धर्म खतरे में है और इसलिए मुसलमानों को निशाना बनाया जा रहा है तो वह हिन्दू नहीं हो सकता.’

हां, मैं राजनीति कर रहा हूं
उन्होंने ट्विटर पर भी लिखा, ‘हमें पुलिस और प्रशासन ने रोक दिया. महेश शर्मा और ओवैसी को कल नहीं रोका था. फिर मुझे क्यों? मैं सबसे शांतिप्रिय हूं. केवल इखलाक के परिवार से मिलना चाहता हूं.’ दिल्ली के मुख्यमंत्री ने इससे पहले ट्वीट किया, ‘मुझपर राजनीति करने का आरोप लगाया जा रहा है.

 

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हां, मैं राजनीति कर रहा हूं. लेकिन मैं एकता और प्रेम की राजनीति कर रहा हूं. वे नफरत की राजनीति कर रहे हैं.’’ करीब 200 लोगों की भीड़ ने इखलाक की पीट पीटकर हत्या कर दी और उसके 22 साल के बेटे दानिश को गंभीर रूप से घायल कर दिया. इखलाक के परिवार के गोमांस खाने की अफवाहों के बाद भीड़ उसके घर में घुस आयी थी.

 

 

 केजरीवाल ने एक और ट्वीट में कहा, ‘हमारा दृढ़ता से मानना है कि हिन्दुओं और मुस्लिमों को एकजुट बने रहना चाहिए और वोट बैंक नहीं बनना चाहिए. वे लोगों को बांटना चाहते हैं.’ कल एआईएमआईएम के नेता ओवैसी ने मृतक मोहम्मद इखलाक के परिवार को सांत्वना देने के लिए गांव का दौरा किया था और ‘पूर्व नियोजित हत्या’ पर प्रधानमंत्री की चुप्पी पर सवाल किया था.

ओवैसी ने उन दावों को खारिज कर दिया कि गोमांस खाने की अफवाह को लेकर इखलाक के परिवार पर हमला किया गया और आरोप लगाया कि इखलाक के धर्म के कारण उसपर हमला किया गया.

स्थानीय भाजपा सांसद महेश शर्मा भी कल इखलाक के परिवार से मिले थे. उन्होंने हत्या को एक ‘हादसा’ करार देते हुए कहा था कि इसे सांप्रदायिक रंग नहीं देना चाहिए और राजनीति नहीं करनी चाहिए क्योंकि यह ‘खतरनाक’ साबित हो सकता है. ऐसी भी खबरें हैं कि कुछ महिलाओं ने मीडियाकर्मियों और बाहर से आए दूसरे लोगों को गांव से बाहर खदेड़ दिया.

गांव में पीएसी एवं पुलिस दल तैनात किए गए और पांच या उससे ज्यादा लोगों के जमा होने पर रोक लगाने के लिए निषेधाज्ञा लगायी गयी है. जिला मजिस्ट्रेट एम पी सिंह ने स्थिति के नियंत्रण में होने का दावा करते हुए कहा कि सांप्रदायिक संघर्ष की बजाए घटना को ‘एक अकेले मामले’ के तौर पर देखा जाना चाहिए ना कि साम्प्रदायिक संघर्ष के रूप में क्योंकि कोई और मुस्लिम परिवार प्रभावित नहीं हुआ.

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