दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने प्रदूषण के आंकड़ें और प्रदूषण की वजह बताने वाली केंद्र सरकार की एजेंसी SAFAR पर सवाल खड़े किए हैं. हालही में केंद्र की एजेंसी 'SAFAR' ने दिल्ली में प्रदूषण के स्तर पर एक रिपोर्ट जारी की थी.
क्या है पूरा मामला?
केजरीवाल ने सवाल खड़े करते हुए कहा कि SAFAR (System of Air Quality and Weather Forecasting) के आंकड़ों का आधार क्या है. उन्होंने किस आधार पर बोला है? प्रदूषण को लेकर 'रियल टाइम सोर्स अपोरसेनमेन्ट ऑफ पल्यूशन' की एक मशीन आती है, जिसे हम इम्पोर्ट करने की कोशिश कर रहे हैं. '
आगे उन्होंने कहा, 'उस मशीन के जरिए यहां बैठकर हवा का सैम्पल लेकर टेस्ट किया जा सकेगा. उसमें हम पता लगा सकेंगे की प्रदूषण किस-किस वजह से है. इस आधुनिक मशीन के होने पर प्रदूषण की अलग-अलग कारणों को बताया जा सकेगा, हमारे पास मशीन नहीं है.'
आगे केजरीवाल ने सवाल पूछते हुए कहा, ' कुछ दिनों पहले अखबार में SAFAR ने जानकारी सामने रखी थी. SAFAR के मुताबिक दिल्ली का अपना प्रदूषण का एक प्रतिशत है. SAFAR वाले आज कह रहे हैं 10 प्रतिशत है. ये गलतफहमी फैलाई जा रही है. अगर एक प्रतिशत है तो बताएं कि बाकी 99 या 10 प्रतिशत है तो बाकी 90 प्रतिशत किस वजह से है?'
केजरीवाल ने उठाए सवाल
केजरीवाल ने कहा, 'मेरा सवाल यह है कि अगर आज एक प्रतिशत है तो पिछले तीन-चार-पांच महीने से देखें तो फरवरी-मार्च के बाद से प्रदूषण गुड या माड्रेट कैटेगिरी में था. तो अब सात दिन में कोई एक्स्ट्रा ट्रैफिक नहीं आया, कोई एक्स्ट्रा डस्ट सोर्सेज क्रिएट नहीं हुए. मुझे लगता है कि जो एजेंसी प्रदूषण का डेटा दे रही है वह सेंसिटिव बात है, उन्हें जिम्मेदारी के साथ डेटा देना चाहिए. किसी के पास सोर्स अपोरसेनमेन्ट की मशीन नहीं है, हवा में तुक्के चल रहे हैं यह सही नहीं है.'
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार की एजेंसी पर सवाल उठाते हुए कहा, 'हम मानते हैं कि दिल्ली का अपना प्रदूषण है लेकिन दिल्ली का अपना प्रदूषण उतना ही है, जितना अगस्त या सितम्बर में था. अक्टूबर में अचानक दिल्ली में बहुत से लोग नहीं आकर रहने लगे, अचानक इंडस्ट्री नहीं खुली, और न ही बहुत सी गाड़ियां कहीं से दिल्ली में आईं.'
आगे उन्होंने कहा, 'अपना प्रदूषण कम करने लिए दिल्ली सरकार और दिल्ली के लोग पूरी कोशिश कर रहे हैं लेकिन बाहर के प्रदूषण का जब तक समाधान नहीं निकालेंगे तब तक दिल्ली में अक्टूबर और नवंबर में भुगतती रहेगी. हमें दिल्ली वालों को सेहत की बहुत चिंता है.' बता दें कि लंबे समय से अरविंद केजरीवाल की सरकार दिल्ली में प्रदूषण की मुख्य वजह पड़ोसी राज्यों में किसानों द्वारा जलाई जाने वाली पराली को बताते आए हैं.