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मजदूरों की मदद करेगी केजरीवाल सरकार, शादी के लिए मिलेंगे 51 हजार, करें रजिस्ट्रेशन

सरकार स्वास्थ्य और प्रसूति के लिए 2 बच्चों तक 30 हजार, वृद्धावस्था पेंशन प्रति माह 3 हजार रुपये, दुर्घटना में मृत्यु की स्थिति में 2 लाख और सामान्य मृत्यु की स्थिति में एक लाख रुपये के मुआवजे के साथ ही अंत्येष्टि के लिए 10 हजार रुपये की मदद देगी.

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दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (फाइल फोटोः पीटीआई)
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (फाइल फोटोः पीटीआई)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • हर विधानसभा क्षेत्र में लगेंगे आवेदन कैंप
  • पढ़ाई के लिए भी सरकार देगी मदद
  • हादसे में मौत पर दो लाख का मुआवजा

दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार ने कोरोना की मार झेल रहे मजदूरों के लिए योजना शुरू की है. इसके तहत सरकार पंजीकरण कराने वाले मजदूरों को खुद उनकी शादी के साथ ही बेटे-बेटी की शादी के लिए आर्थिक सहयोग देगी. पंजीकृत महिला मजदूर की शादी के लिए 51, पुरूष मजदूर की शादी के लिए 35 हजार की सहायता राशि सरकार देगी. इसके अलावा मजदूर की बेटी की शादी के लिए 51 और बेटे की शादी के लिए 35 हजार रुपये का आर्थिक सहयोग देगी.

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इसके लिए दिल्ली सरकार के निर्माण मजदूर रजिस्ट्रेशन अभियान की शुरुआत 24 अगस्त से होगी. मजदूर 11 सितंबर तक अपना पंजीकरण करा सकेंगे. दिल्ली सरकार की ओर से इसके लिए ऑनलाइन पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध कराई गई थी, जिसके तहत अब तक 70 हजार श्रमिकों ने अपना पंजीकरण कराया है. इस संबंध में दिल्ली सरकार में श्रम एवं रोजगार मंत्री गोपाल राय ने बताया कि रजिस्ट्रेशन के बाद वेरीफिकेशन की प्रक्रिया आसान करने के लिए प्रदेश की 70 विधानसभा क्षेत्रों के 70 स्कूलों में कैंप लगाया जाएगा.

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उन्होंने कहा कि मजदूर सरकार की ओर से चिन्हित स्कूल में जाकर आवेदन कर सकते हैं. इस अभियान के तहत कैंप में ही वेरीफिकेशन की प्रक्रिया भी पूरी की जाएगी. जिससे मजदूरों को सरकारी दफ्तर का चक्कर न काटना पड़ें. गोपाल राय ने बताया कि कैंप में निर्माण कार्य से जुड़े बढ़ई, बेलदार, कुली, मजदूर, निर्माण क्षेत्र के चौकीदार, क्रेन ऑपरेटर, बिजली मिस्त्री, लोहार, पेंटर, टाइल्स स्टोन लगाने वाले, पेंटर, पंप ऑपरेटर, वेल्डर के अलावा निर्माण से जुड़े अन्य कार्यों से जुड़े मजदूर रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं. मजदूर https://edistrict.delhigovt.nic.in पोर्टल पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन भी करा सकते हैं.

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देना होगा अनुभव का प्रमाण पत्र

दिल्ली सरकार की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक रजिस्ट्रेशन कराने वाले मजदूरों की उम्र 18 साल से अधिक और 60 साल से कम होनी चाहिए. साथ ही, मजदूरों को 12 महीने में 90 दिन काम करने का सर्टिफिकेट देना होगा. जिस साइट पर काम कर रहे हैं, वहां के नियोक्ता की ओर से या निर्माण क्षेत्र की ट्रेड यूनियन की ओर से लिखित सर्टिफिकेट दिए सकते हैं. मजदूर अपने काम का सेल्फ सर्टिफिकेट भी दे सकते हैं, लेकिन जानकारी गलत पाए जाने पर उनके खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी. रजिस्ट्रेशन और वेरीफिकेशन के लिए एक फोटो, लोकल आईडी, बैंक का खाता नंबर, किसी भी राज्य का आधार कार्ड अनिवार्य होगा.

दिल्ली सरकार ने सभी विधायकों, मजदूर संगठनों, सरकारी एजेंसियों के इंजीनियरों को पत्र लिखकर मजदूरों को रजिस्ट्रेशन के लिए कैंप तक पहुंचाने में मदद करने की अपील की है. कोरोना काल में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन हो इसके लिए कैंप के आसपास सिविल वॉलंटियर्स की भी ड्यूटी लगाई जाएगी.

मिलेंगे ये लाभ

मजदूर को खुद उनकी या उनके बेटे-बेटी की शादी में आर्थिक सहायता के अलावा भी सरकार ने इस योजना के तहत कई लाभ देने का ऐलान किया है. सरकार की ओर से कहा गया है कि पंजीकृत मजदूरों के बच्चों को कक्षा 1 से 8 तक पढ़ाई के दौरान सालाना 6 हजार रुपये, कक्षा 9 से 10 तक 8400 रुपये और कक्षा 11-12 के लिए 12 हजार रुपये की मदद दी जाएगी. कॉलेज की पढ़ाई के लिए सालाना 36 हजार, आईटीआई और एलएलबी की पढ़ाई के लिए 48 हजार, पॉलीटेक्निक की पढ़ाई के लिए 60 हजार रुपये, इंजीनियरिंग और मेडिकल के लिए एक लाख 20 हजार रुपये की सालाना मदद दी जाएगी. 

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औजार खरीदने के लिए लोन

सरकार स्वास्थ्य और प्रसूति के लिए 2 बच्चों तक 30 हजार, वृद्धावस्था पेंशन प्रति माह 3 हजार रुपये, दुर्घटना में मृत्यु की स्थिति में 2 लाख और सामान्य मृत्यु की स्थिति में एक लाख रुपये के मुआवजे के साथ ही अंत्येष्टि के लिए 10 हजार रुपये की मदद देगी. अपंग हो जाने पर मजदूर को एक लाख के मुआवजे के साथ ही अक्षमता पेंशन 3 हजार रुपये प्रति माह देने का भी ऐलान सरकार की ओर से किया गया है. इसके अलावा निर्माण संबंधी औजार खरीदने के लिए 20 हजार रुपये तक का लोन और पांच साल में एक बार 5000 रुपये का अनुदान देने, अपना मकान खरीदने के लिए 3 लाख रुपये तक का लोन देने का भी सरकार ने ऐलान किया है.

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