दिल्ली में अतिक्रमण के खिलाफ MCD का एक्शन जारी है, जिसका सीएम अरविंद केजरीवाल ने विरोध किया है. दिल्ली के सीएम केजरीवाल ने दावा किया है कि केंद्र सरकार दिल्ली में 63 लाख लोगों के मकान तोड़ने की प्लानिंग कर रही है जिसका दिल्ली सरकार विरोध करती है. सीएम केजरीवाल ने यह भी दावा किया कि इस तरह तो 80 फीसदी दिल्ली अतिक्रमण के दायरे में आएगी.
सीएम केजरीवाल ने कहा कि 75 साल में जितनी दिल्ली बनी वह प्लानिंग से नहीं बनी. इस वजह से मौजूदा वक्त में 80 फीसदी दिल्ली अतिक्रमण के दायरे में आएगी. केजरीवाल ने सवाल किया कि क्या 80 फीसदी दिल्ली को तोड़ा जाएगा?
केजरीवाल ने यह भी कहा कि उन्होंने इस मसले पर अपनी पार्टी के विधायकों संग आज मीटिंग भी की है. सीएम बोले मैंने विधायकों से कहा है कि अगर अतिक्रमण की ऐसी गतिविधियों का विरोध करते हुए जेल भी जाना पड़े तो डरे नहीं.
सीएम ने कहा कि जिस तरह अतिक्रमण हटाया जा रहा वह उसका विरोध कर रहे हैं. केजरीवाल ने कहा कि लोगों को कोई नोटिस नहीं दिया जा रहा है. ना ही सामान हटाने का वक्त मिल रहा है. केजरीवाल बोले, 'लोग चिल्ला-चिल्लाकर कह रहे हैं कि मेरे पास कागज हैं, लेकिन कागज नहीं देखे जा रहे. बस सीधे बुलडोजर चलाया जा रहा है.'
केजरीवाल बोले- खतरे में 63 लाख मकान
दिल्ली के सीएम ने आगे कहा कि बीजेपी का प्लान है कि दिल्ली में सारी कच्ची कॉलोनी तोड़ी जाएं. ऐसी कॉलोनियों में करीब 50 लाख लोग रहते हैं. वहीं झुग्गियां हटाने का प्लान है, जिनमें करीब 10 लाख लोग रहते हैं. तीन लाख ऐसी प्रोपर्टीज की लिस्ट है जिन्होंने बालकनी थोड़ी आगे निकाल ली है या कमरा बना लिया है. इस तरह 63 लाख मकानों पर बुलडोजर चलाने का प्लान बनाया गया है, जिसका दिल्ली सरकार विरोध करती है.
केजरीवाल ने आगे कहा कि बीजेपी ने पहले जहां झुग्गी वहां मकान देने का वादा किया था, लेकिन अब वहां बुलडोजर लेकर पहुंच गई. वह बोले कि बीजेपी ने 15 साल MCD में राज किया और अवैध बिल्डिंग बनवाई.
दिल्ली सीएम ने आगे कहा कि 18 मई को MCD को कार्यकाल पूरा हो जाएगा. ऐसे में बीजेपी के पास क्या नैतिक पावर होगी? केजरीवाल ने जल्द से जल्द MCD चुनाव कराने की मांग की.