दिल्ली सरकार द्वारा वैक्सीन के ग्लोबल टेंडर पर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि हमने वैक्सीन का ग्लोबल टेंडर जारी किया है. हमारी तरफ से पूरी कोशिश जारी है. लेकिन अभी तक जितनी दूसरी राज्य सरकारों ने ग्लोबल टेंडर किए थे, उनके नतीजे बहुत ज्यादा उत्साहवर्धक नहीं रहे हैं. हमने इस उम्मीद पर जारी किया है कि अगर कोई कंपनी आएगी, तो अच्छी बात है. लेकिन मैं समझता हूं कि जितने भी बड़े वैक्सीन उत्पादक हैं, वे सीधे केंद्र सरकार से बात करना चाहते हैं.
केंद्र सरकार उनसे बात कर रही है. अलग-अलग राज्य सरकारें कितनी सफल हो पाती हैं, यह बाद में बताएंगे, लेकिन अपनी तरह से हमने कर दिया है. वैक्सीन को लेकर हो रही राजनीति पर अरविंद केजरीवाल ने कहा कि हम तो वैक्सीन मांग रहे हैं, वैक्सीन मांगने में कैसी राजनीति है. जनता को वैक्सीन चाहिए. वे बता दें कि हम कहां से वैक्सीन लें?
केंद्र सरकार को वैक्सीन की व्यवस्था करनी है, केंद्र सरकार वैक्सीन उपलब्ध कराकर हमें दे दे, हम सबको वैक्सीन लगा देंगे. यह समय तू-तू मैं-मैं का नहीं है. यह आरोप-प्रत्यारोप का समय नहीं है, एक दूसरे पर उंगली उठाने का समय नहीं है, एक दूसरे के साथ तर्क-कुतर्क करने का समय नहीं है. देश बहुत बड़ी आपदा से गुजर रहा है.
दुनिया भर का अनुभव यह दिखाता है कि वैक्सीन इसका एकमात्र समाधान है. इसलिए पूरे देश को मिलकर वैक्सीन खरीदनी चाहिए, राज्य सरकारों को बांट दें, हम वैक्सीन लगा देंगे. ये तर्क कुतर्क क्यों कर रहे हैं, यह मेरी समझ के परे है.
दिल्ली में ब्लैक फंगस के मामले लगातार बढ़ रहे हैं. अरविंद केजरीवाल ने कहा कि ब्लैक फंगस का इलाज दिल्ली सरकार के अस्पतालों में भी हो रहा है, प्राइवेट अस्पतालों में भी और केंद्र सरकार के अस्पतालों में भी. दिल्ली सरकार के अपने जो अस्पताल हैं, उनमें कल सुबह तक करीब 450 ब्लैक फंगस के केस थे.
केंद्र सरकार के जो अस्पताल हैं, उन्हें सीधे केंद्र देख रहा है. हमने अपने हिसाब से दवाई की मांग की है. मैं समझता हूं कि दवाई की काफी किल्लत है. देश भर में केंद्र सरकार अपनी तरफ से जो भी बन सकता है वह दे रही है. मैं समझता हूं कि इसके जो इंजेक्शन उपयोग किए जा रहे हैं, वे सभी राज्य सरकारों को दिए जाएं.