दिल्ली के मुख्यमंत्री बनने जा रहे अरविंद केजरीवाल की कैबिनेट के संभावित सदस्यों को लेकर खूब चर्चा है. लेकिन उनकी नौकरशाहों की टीम के सबसे बड़े पद पर कौन बैठेगा, यह भी अब साफ हो गया है. केजरीवाल ने राजेंद्र कुमार को अपना प्रिंसिपल सेक्रेटरी चुन लिया है.
1989 बैच के आईएएस अधिकारी राजेंद्र कुमार और अरविंद केजरीवाल में कई समानताएं हैं. इत्तेफाक से राजेंद्र भी आईआईटी रुड़की से पढ़े हैं. अपने करियर में उन्होंने कई तबादले झेले हैं. फिलहाल वह दिल्ली सरकार में आईटी और उच्च शिक्षा सेक्रेटरी हैं. इससे पहले वह कमिश्नर ट्रांसपोर्ट और दिल्ली सरकार के बिजली विभाग में सचिव रह चुके हैं.
बिजली के दाम घटाने की सिफारिश की थी
दिलचस्प बात यह है कि डीईआरसी ने 2010 में जब बिजली के दाम घटाने की सिफारिश की थी, राजेंद्र बिजली सचिव थे. हालांकि उनकी सिफारिश पर अमल नहीं हो सका था.
हालांकि ऐसा लगा था कि व्यक्तिगत रूप से राजेंद्र इन सिफारिशों को लागू न किए जाने के खिलाफ थे, इसलिए तुरंत उनका एमसीडी में तबादला कर दिया गया. इसके बाद उन्हें रेवेन्यू कमिश्नर बना दिया गया. वहां उन्होंने कुछ याद रखे जाने वाले बदलाव किए. लेकिन व्यापारियों के विरोध के चलते उन्हें हटा दिया गया.
दिल्ली गैंगरेप के समय ट्रांसपोर्ट कमिश्नर थे
पिछले साल दिसंबर में 'दामिनी' के साथ बस में हुई दरिंदगी के वक्त दिल्ली के ट्रांसपोर्ट कमिश्नर राजेंद्र ही थे. तब उनकी खासी आलोचना भी हुई थी. फिर उनका तबादला मौजूदा पोजीशन पर कर दिया गया.
10 साल पहले उनके शिक्षा डायरेक्टर के पद पर रहते हुए दिल्ली के सरकारी स्कूलों का प्रदर्शन सुधरा. आज भी इसका श्रेय उन्हें दिया जाता है. उनकी गिनती टेक-सैवी नौकरशाहों में होती है.