सर्दियों के मौसम की शुरुआत के साथ ही दिल्ली में प्रदूषण की मात्रा में भी इजाफा देखने को मिलता है. वहीं इस मौसम में पराली जलाने के कारण भी वायु प्रदूषण में बढ़ोतरी देखने को मिलती है. इस बीच दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने केंद्रीय पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर से मिल बैठकर पराली का हल निकलाने की अपील की है.
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पराली को लेकर केंद्रीय पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर से अपील करते हुए कहा, 'पराली से उठने वाला धुआं एक बड़ी समस्या है. प्रकाश जावड़ेकर को प्रदूषण पर हरियाणा, पंजाब, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के साथ हर महीने बैठक करनी चाहिए और पराली का समाधान निकालना चाहिए. आरोप-प्रत्यारोप से कुछ नहीं होगा.'
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पराली की समस्या से निपटने के लिए डेडलाइन निश्चित करें. पराली से जो प्रदूषण होता है वो पूरे उत्तर भारत में होता है. दिल्ली से ज्यादा उन किसानों के लिए चिंता होती है जो ये पराली जलाते हैं. पूसा के एक्सपेरिमेंट का दिल्ली सरकार दिल्ली में छिड़काव कर रही है जिससे पराली खाद में बदल जाएगी.
If all governments work hard and together make honest efforts, we can substantially reduce pollution due to parali in a short period.
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) October 19, 2020
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अरविंद केजरीवाल ने कहा, 'करनाल में पराली से सीएनजी बनाने का बहुत बड़ा कारखाना शुरू हो गया है. इसमें किसान को पैसा मिलता है. किसान का कोई खर्च नहीं है. गैस भी आईजीएल खरीद लेती है. पंजाब में पराली से कोयला बनाने वाली सात फैक्ट्री चल रही है. ये एनटीपीसी को कोयला बेचती है.'
केजरीवाल ने कहा कि पराली से गत्ता बनता है. अगर हम सारी सरकारें मिलकर ऐसा काम करें कि पराली जलाने की बजाए ऐसी फैक्ट्रियों में पराली लगाएं तो कितना फायदा होगा. युद्धस्तर पर काम करें तो एक साल में हम पराली को लाइबिलिटी की बजाय एसेट्स में बदल सकते है.