आम आदमी पार्टी के अंदर भारी उथल-पुथल के बीच अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक पद से इस्तीफा दे दिया है. केजरीवाल इस वक्त तबीयत खराब होने के कारण बंगलुरु में हैं और अपना इलाज करवा रहे हैं, वहीं दोपहर दो बजे होने वाली राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में केजरीवाल के इस्तीफे पर अंतिम फैसला किया जाएगा. इस बैठक में योगेंद्र यादव और प्रशांत भूषण को लेकर भी फैसला लिया जाना है.
गौरतलब है कि दिल्ली के सीएम केजरीवाल ने करीब एक हफ्ते 26 फरवरी को भी संयोजक पद से इस्तीफे की चिट्ठी पार्टी को भेजी थी, लेकिन तब उनके इस्तीफे पर कोई फैसला नहीं किया गया था. ऐसे में केजरीवाल ने एक चिट्ठी लिखकर फिर से इस्तीफा दिया है. राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में केजरीवाल के अलावा 20 सदस्य हैं, जो अब इस बाबत वोटिंग के जरिए फैसला करेंगे.
इस्तीफे की वजह
केजरीवाल ने कहा है कि वह दिल्ली के मुख्यमंत्री भी हैं और प्रशासनिक कार्य में उनकी व्यस्तता बढ़ गई है, लिहाजा वह प्रदेश को अपना पूरा समय देना चाहते हैं. केजरीवाल ने कहा कि वह पार्टी को समय नहीं दे पा रहे हैं इसलिए उनके इस्तीफे को स्वीकार किया जाए.
इस्तीफे पर प्रतिक्रिया
अरविंद केजरीवाल को राष्ट्रीय संयोजक पद से हटाने के लिए साजिश रचने का आरोप झेल रहे योगेंद्र यादव ने कहा कि यह कोई नई बात नहीं है. पार्टी के अंदर सब ठीक है. केजरीवाल इससे पहले भी अपनी व्यस्तता के कारण इस्तीफे की पेशकश कर चुके हैं. हालांकि अंतिम फैसला राष्ट्रीय कार्यकारिणी को लेना है. यादव ने कहा कि उनकी यही इच्छा है कि अरविंद पार्टी का संयोजक पद संभाले.
'आप' नेता आशुतोष ने भी अरविंद केजरीवाल की व्यस्तता और उनके स्वास्थ्य का हवाला देते हुए कहा कि केजरीवाल इससे पहले भी ऐसी मंशा जाहिर कर चुके हैं.