दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने बीजेपी सांसद हंसराज हंस को 20 हजार रुपये के निजी मुचलके पर जमानत दे दी है. हंसराज हंस के खिलाफ कांग्रेसी नेता राजेश लिलोठिया ने 2019 में लोकसभा चुनाव लड़ने के दौरान दिए गए हलफनामे में गलत जानकारी देने का आरोप लगाया था और मामला दर्ज कराया था.
इस मामले में 12 जनवरी को कोर्ट ने हंसराज हंस को समन जारी करके कोर्ट में पेश होने के आदेश दिए थे. 18 जनवरी को हंसराज हंस के वकील की तरफ से पेश होने के लिए कोर्ट से कुछ और वक्त मांगा गया था और फिर इस मामले में 25 जनवरी की तारीख दे दी गई थी.
सोमवार को हंसराज हंस दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में इस मामले में व्यक्तिगत तौर पर पेश हुए और अपनी जमानत अर्जी लगाई. हंसराज हंस पर दर्ज मामले में आरोप लगाया गया है कि लोकसभा चुनाव लड़ने के दौरान चुनाव आयोग को दिए हलफनामे में हंसराज हंस ने अपनी पत्नी पर ढ़ाई करोड रुपये की देनदारी दिखाई है, जबकि एफिडेविट में उन्होंने अपनी पत्नी को हाउसवाइफ बताया है.
राजेश लिलोठिया की तरफ से कोर्ट में पेश हुए वकील विक्रम दुआ का तर्क था कि हाउसवाइफ रहते हुए किसी महिला पर इतने पैसे की देनदारी कैसे हो सकती है. उनका आरोप है कि हंसराज हंस ने अपनी पत्नी के व्यवसाय को अपने हलफनामे में छुपाया है.
इसके अलावा हंसराज हंस पर अपनी शैक्षणिक जानकारियां गलत देने का भी आरोप लगाया गया है. लोकसभा चुनाव में उन्होंने बताया कि उन्होंने दसवीं की परीक्षा 1979 में दी थी, जबकि इससे पहले पंजाब से लड़े एक चुनाव में उन्होंने कहा था कि उन्होंने 1981 में प्रेप परीक्षा पास की है.
दिल्ली पुलिस की तरफ से इस मामले में चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है लेकिन पुलिस ने कोर्ट से इस मामले में जांच के लिए कुछ और समय देने की गुजारिश की है. पुलिस ने कोर्ट को कहा है कि इस मामले में कुछ और अतिरिक्त जानकारियां इकट्ठी करके एक और सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल करना चाहती है. राउज एवेन्यू कोर्ट ने फिलहाल इस मामले में अगली सुनवाई 2 फरवरी के लिए तय की है.