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पिछले 6 महीने से डिप्रेशन में थे बीजेपी सांसद राम स्वरूप शर्मा, पंखे से लटका मिला शव

हैरान करने वाली बात यह भी है कि बीजेपी सांसद ने पिछले दो दिनों से ट्विटर हैंडल भी इस्तेमाल नहीं किया था. हालांकि, वह माइक्रोब्लॉगिंग साइट पर बहुत ज्यादा सक्रिय नहीं थे लेकिन वह नियमित तौर पर पीएम मोदी के ट्वीट को री-ट्वीट करते रहते थे.

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बीजेपी सांसद का निधन
बीजेपी सांसद का निधन
स्टोरी हाइलाइट्स
  • घर में मृत पाए गए बीजेपी सांसद राम स्वरूप शर्मा
  • पत्नी तीर्थ पर गई थीं. पीएसओ भी मंडी में था

हिमाचल प्रदेश के मंडी से बीजेपी सांसद राम स्वरूप शर्मा का निधन हो गया है. बुधवार को दिल्ली में अपने घर में वह पंखे से लटके पाए गए. उनकी उम्र 62 साल थी. परिवार के सूत्रों ने इंडिया टुडे को बताया कि वह करीब 6 महीने से गहरे अवसाद में थे. शर्मा का इलाज चल रहा था और वह घर में अकेले थे और उनकी पत्नी तीर्थ करने गई थीं. उनके पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर (पीएसओ) भी मंडी में थे. जब दरवाजा नहीं खुला तो दिल्ली पुलिस की एक टीम ने शर्मा के बेडरूम का दरवाजा तोड़ा. सांसद राम स्वरूप शर्मा मंगलवार को संसद सत्र में भी शामिल नहीं हुए थे. पुलिस को बेडरूम में से कई दवाइयां भी मिली हैं. 

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हैरान करने वाली बात यह भी है कि बीजेपी सांसद ने पिछले दो दिनों से ट्विटर हैंडल भी इस्तेमाल नहीं किया था. हालांकि, वह माइक्रोब्लॉगिंग साइट पर बहुत ज्यादा सक्रिय नहीं थे लेकिन वह नियमित तौर पर पीएम मोदी के ट्वीट को री-ट्वीट करते रहते थे.

बीजेपी सांसद राम स्वरूप शर्मा

14 मार्च को उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी के दो ट्वीट को री-ट्वीट किया था, जो मन की बात कार्यक्रम के थे. अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव में भाग लेने के लिए वह मंडी भी गए थे. उन्होंने 13 मार्च को कोरोना का टीका लगवाया था और कुछ फोटोज ट्विटर पर शेयर भी की थीं. शिवरात्रि महोत्सव में शामिल होने की तस्वीरें भी उन्होंने अपने ट्विटर हैंडल पर शेयर की थीं. सांसद रामस्वरूप शर्मा के परिवारवालों ने बताया कि वह हाई ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर से जूझ रहे थे. पहले उन्हें कई बार हार्ट अटैक भी आ चुके थे. परिवार वालों ने बताया कि उनकी एंजियोप्लास्टी भी हो चुकी थी लेकिन उन्हें फिर भी कुछ परेशानियां हो रही थीं. 

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राम स्वरूप शर्मा का एक परिचय

राम स्वरूप शर्मा का जन्म मंडी जिले के जोगिंदर नगर में 10 जून 1958 को हुआ था. उन्होंने अपना करियर साल 1985 में नेशनल हायड्रोइलेक्ट्रिक पावर कॉरपोरेशन के साथ शुरू किया था. चंबा में एनएचपीसी में काम करने के दौरान ही वह आरएसएस में शामिल हो गए थे. बाद में वह हिमाचल प्रदेश स्टेट सिविल सप्लाइज कॉरपोरेशन के वाइज-चेयरमैन बन गए.  

आरएसएस के एक सक्रिय स्वयंसेवक रहे राम स्वरूप खुद को पीएम नरेंद्र मोदी का 'सुदामा' बताया करते थे. उन्होंने साल 2014 में हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की पत्नी प्रतिभा सिंह को 39,796 वोटों से हराकर सभी को चौंका दिया था.

 

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