केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को संसद में आम बजट पेश किया. उछाल के साथ सेंसेक्स ने बजट को सलामी दी, लेकिन दिल्ली के व्यावसायियों और चार्टर्ड एकाउंटेंट्स ने बजट की खामियां गिनाई हैं. देश की राजधानी में आम बजट से उम्मीद लगाए बैठे व्यापारियों और चार्टर्ड एकाउंटेंट्स को निराशा हाथ लगी है. दिल्ली में चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (सीटीआई) ने इस साल के बजट को व्यापारियों के लिए परेशानी बढ़ाने वाला बताया है.
सीटीआई के चेयरमैन बृजेश गोयल ने बजट की कमियां गिनाईं और एक अच्छाई भी बताई. उन्होंने बजट में पुराने वाहनों के लिए घोषित स्क्रैप पॉलिसी का समर्थन किया है. गोयल ने कहा कि पुरानी गाड़ियों के स्क्रैप होने से बाजार में नई गाड़ियों की डिमांड बढ़ेगी. इस नीति के लागू होने पर जो गाड़ियां फिट हैं, उन गाड़ियों के स्क्रैप होने का डर भी खत्म हो जाएगा और पर्यावरण में बढ़ रहे प्रदूषण में भी कमी आएगी.
सीटीआई अध्यक्ष ने गिनाईं ये खामियां-
सीए ने भी उठाए सवाल
दिल्ली के चार्टर्ड एकाउंटेंट्स ने बजट में जीएसटी को लेकर राहत न मिलने पर भी सवाल उठाए हैं. सीए राकेश गुप्ता ने कहा कि पूरे बजट में जीएसटी के बारे में सिर्फ 2 पेज ही लिखे गए हैं. उन्होंने कहा कि जीएसटी में आ रही परेशानियों को ठीक करने का जिक्र किया तो गया है लेकिन दावे के बावजूद पिछले 4 साल से इसका सरलीकरण नहीं हो पाया है.
राकेश गुप्ता ने आगे कहा कि साल 2014 से 2021 तक टैक्स में छूट की लिमिट 2.5 लाख रुपये ही है. 75 साल से अधिक उम्र के लोगों को टैक्स में छूट के ऐलान में ब्याज और पेंशन वालों के लिए लिमिट हटा देनी चाहिए. उन्होंने कहा कि वित्त मंत्री ने बजट में कॉरपोरेट के इनकम टैक्स रेट को दुनिया में सबसे बेहतर बताया है. सरकार पर कॉरपोरेट की तरफ झुकाव का आरोप लगता रहा है. कॉरपोरेट सेक्टर में टैक्स रेट कम हैं, ऐसे में छोटे टैक्सपेयर्स में नाराजगी बने रहने की संभावना है.