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गुजरात: धोलेरा में ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट डेवलपमेंट की मंजूरी, 1305 करोड़ रु. से तैयार होगा

धोलेरा एयरपोर्ट के लिए 51 प्रतिशत शेयर होल्डिंग एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया यानी भारत सरकार की रहेगी. गुजरात सरकार की 33 प्रतिशत और नेशनल इंडस्ट्रीयल कॉरिडोर डेवलपमेंट ट्रस्ट (एनआईसीडीआईटी) की 16 प्रतिशत होगी. इसे 48 महीने में बनाकर तैयार किया जाएगा.

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केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने कैबिनेट के निर्णय के बारे में विस्तार से जानकारी दी.
केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने कैबिनेट के निर्णय के बारे में विस्तार से जानकारी दी.
स्टोरी हाइलाइट्स
  • 4 साल में बनकर तैयार हो जाएगा धोलेरा में ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट
  • पैसेंजर और कार्गो की सुविधा भी रहेगी, 1501 हेक्टेयर जमीन चिह्नित

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में सीसीए और कैबिनेट की बैठक आयोजित की गई. इसमें गुजरात के धोलेरा में ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के डेवलपमेंट के लिए अनुमति दी गई. केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने कैबिनेट के निर्णय के बारे में विस्तार से जानकारी दी. ठाकुर ने बताया कि धोलेरा एयरपोर्ट के लिए 1501 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहीत की गई है. इस एयरपोर्ट का धोलेरा इंटरनेशनल एयरपोर्ट कंपनी लिमिटेड निर्माण कराएगी. इसकी अनुमानित लागत 1305 करोड़ रुपए है.

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मंत्री ने बताया कि हवाई अड्डे के 4 साल में निर्माण पूरा हो जाएगा और वर्ष 2025-26 से संचालन होने की उम्मीद है. उन्होंने बताया कि साल 2016 में ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट पॉलिसी के तहत धोलेरा में एयरपोर्ट बनाने का निर्णय लिया गया था. सभी जरूरी औपचारिकताएं पूरी कर ली गईं हैं. ये एयरपोर्ट 1501 हेक्टेयर जमीन में बनाया जाएगा. 

धोलेरा एयरपोर्ट के लिए 51 प्रतिशत शेयर होल्डिंग एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया यानी भारत सरकार की रहेगी. गुजरात सरकार की 33 प्रतिशत और नेशनल इंडस्ट्रीयल कॉरिडोर डेवलपमेंट ट्रस्ट (एनआईसीडीआईटी) की 16 प्रतिशत होगी. इसे 48 महीने में बनाकर तैयार किया जाएगा. 40 प्रतिशत धन हिस्सेदारी से आएगा. 60 प्रतिशत ऋण के रूप में जुटाए जाएंगे. इसमें दो तरह की सुविधाएं होंगी. 

इस एयरपोर्ट के जरिए एक तरफ पैसेंजर को सुविधाएं मिलेंगी. दूसरी तरफ कार्गो की सुविधा रहेगी. ये अपने आप में गतिशक्ति प्रोजेक्ट की दिशा में बड़ा कदम है. उन्होंने बताया कि दिल्ली, मुंबई कॉरिडोर में इस तरह के आठ नोड्स बननी है. उनमें एक धुलैरा है. मल्टी मॉडल कनेक्टिविटी की बात की जाए तो यहां धोलेरा रीजन लॉजिस्टिक की जरूरतों को पूरा करेगा.

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अहमदाबाद के बाद इसे दूसरे एयरपोर्ट के रूप में देखा जाएगा. इससे पूरे प्रदेश के यात्रियों को लाभ मिलेगा. एयरपोर्ट को जोड़ने के लिए 6 लैन एक्सप्रेस वे, रैपिड ट्रांसपोर्टेशन, सिस्टम ब्रॉडगेम रेलवे लाइन की सुविधा होगी. फ्रेड कोरिडोर फीडर लाइन का सिस्टम विकसित किया जा रहा है. ये नया भारत का नया विकास मॉडल है.

मंत्री ने आगे बताया कि ये एयरपोर्ट 2025-26 में बनकर तैयार होगा. पहले साल 3 लाख यात्री इससे सेवाएं लेंगे. अगले 20 साल बाद 23 लाख प्रति साल यात्रियों को लाभ मिलने की उम्मीद है. कार्गो की 20 हजार टन की क्षमता है. 20 साल बाद क्षमता 2 लाख 73 हजार टन हो जाएगी.

ठाकुर ने यह भी बताया कि देश के युवाओं को ज्यादा से ज्यादा रोजगार मिले, इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने निर्देश जारी किए हैं. अगले 18 महीने में देशभर में 10 लाख सरकारी भर्तियां की जाएंगी. सरकार के जिन-जिन विभागों में पद खाली हैं उन्हें भरने का काम भी किया जाएगा.

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