अमेरिका के एक व्यापार प्रतिनिधि ने भारत के तीन बाजार को कुख्यात बताया था. अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि ने अपनी रिपोर्ट में मुंबई के हीरा पन्ना, दिल्ली पालिका बाजार और टैंक रोड के साथ ही कोलकाता के खिदिरपुर बाजार को कुख्यात बताया था. अब कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने नाराजगी जताई है.
कैट ने अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि की रिपोर्ट पर कड़ा ऐतराज जताते हुए इसे सिरे से खारिज कर दिया. कैट ने साफ कहा है कि यूएसटीआर अपने अधिकार क्षेत्र से आगे बढ़ गया है और उसे अमेरिका के अलावा किसी भी अन्य देश के किसी भी बाजार को खराब कहने का कोई अधिकार नहीं है. कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष बीसी भरतिया और राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीण खंडेलवाल ने यूएसटीआर की रिपोर्ट पर रोष व्यक्त करते हुए कहा कि यूएसटीआर की ओर से इन बाजारों में पर्याप्त ट्रेडमार्क, जालसाजी या कॉपीराइट चोरी में शामिल होने या सुविधा प्रदान करने का आरोप लगाया गया है.
कैट के दोनों पदाधिकारियों ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय खरीदारों को भारत या भारत के विभिन्न बाजार में आने के लिए हतोत्साहित करने के उद्देश्य से ही अमेरिकी एजेंसी ने ये रणनीति अपनाई है. बिना किसी ठोस सबूत के ये रिपोर्ट निराधार है और हमने इस मामले को गंभीरता से लिया है. खंडेलवाल ने कहा कि कैट नई दिल्ली में अमेरिकी दूतावास के सामने अपनी नाराजगी दर्ज कराएगा.
प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि हमने अपनी कानूनी टीम को भी लीगल एंगल से मामले की जांच करने के लिए कहा है. अगर लीगल टीम ने सलाह दी तो वे इस मसले को लेकर कोर्ट जाने में नहीं हिचकेंगे. दोनों व्यापारी नेताओं ने बताया कि दुनिया पूरी तरह से जानती है कि अमेरिकी कंपनियां व्यावसायिक गतिविधियों में किस तरह से कदाचार में लिप्त हैं. कई अमेरिकी कंपनियों को विभिन्न देशों में दंडित किया जा चुका है और यहां तक कि अमेरिका के भीतर भी इन कंपनियों को अक्सर विभिन्न राज्यों की ओर से दंडित किया जाता रहा है.
कैट के प्रतिनिधियों ने कहा कि यूएसटीआर के लिए यह बेहतर होगा कि वे उपदेश देने की बजाय अपने देश पर ध्यान केंद्रित करें. ये रिपोर्ट झूठ का एक बंडल है जिसका कोई विश्वसनीय सबूत नहीं है और इसे यूएसटीआर के प्रमाण पत्र के रूप में नहीं लिया जा सकता है. भारतीय बाजारों को यूएसटीआर सहित किसी से किसी प्रमाण पत्र की आवश्यकता नहीं है.
कैट के अध्यक्ष और महामंत्री ने कहा कि देश वैश्विक स्तर पर अच्छी तरह से प्रगति कर रहा है और निर्यात के मोर्चे पर भी विकास के लिए तैयार है. दुनिया भारत की ओर देख रही है. ऐसे में यूएसटीआर की इस रिपोर्ट का कोई महत्व नहीं है.