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छावला गैंगरेप और मर्डर केस: SC के फैसले पर दो और पुनर्विचार याचिकाएं दाखिल

सुप्रीम कोर्ट के सात नवंबर को छावला गैंगरेप और मर्डर केस के फैसले पर पुनर्विचार के लिए बुधवार को दो याचिकाएं दाखिल की गईं. अब तक इस मामले में पुनर्विचार के लिए कुल चार याचिकाएं दाखिल हो गई हैं. इस एक महीने में पहली याचिका तो उत्तराखंड बचाओ मूवमेंट नामक संगठन ने दाखिल की थी.

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सुप्रीम कोर्ट में 2 और पुनर्विचार याचिकाएं दाखिल
सुप्रीम कोर्ट में 2 और पुनर्विचार याचिकाएं दाखिल

छावला गैंगरेप और मर्डर मामले में सभी दोषियों को बरी किए जाने के सुप्रीम कोर्ट के सात नवंबर को फैसले पर पुनर्विचार के लिए बुधवार को दो याचिकाएं सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हुईं. इन दोनों याचिकाओं के साथ ही इस मामले में पुनर्विचार के लिए अब तक चार याचिकाएं दाखिल हो गई हैं. 

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इस एक महीने में पहली याचिका तो उत्तराखंड बचाओ मूवमेंट नामक संगठन ने दाखिल की थी. फिर पीड़ित परिवार ने अर्जी लगाई और अब सामाजिक कार्यकर्ता योगिता भयाना ने भी दोषियों की रिहाई के फैसले पर फिर से विचार करने की गुहार लगाई है.

एक और पुनर्विचार याचिका दाखिल 

छावला गैंगरेप और हत्या मामले दोषियों को बरी किए जाने के फैसले पर पुनर्विचार के लिए चौथी याचिका सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हुई है. ये याचिका दिल्ली पुलिस की ओर से दाखिल की गई है. इसमें सुप्रीम कोर्ट के तत्कालीन चीफ जस्टिस की अगुवाई वाली पीठ के 7 नवंबर को दिए गए उस फैसले पर पुनर्विचार की गुहार लगाई गई है, जिसमें मेडिकल और वैज्ञानिक रिपोर्ट में गड़बड़ को आधार बनाकर सबसे ऊंची अदालत ने ट्रायल कोर्ट और हाईकोर्ट के सजा ए मौत का फैसला पलटते हुए दोषियों को बरी कर दिया था. 

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पिछले महीने SC ने पलटा था हाईकोर्ट का फैसला

7 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट ने छावला गैंगरेप और मर्डर केस में तीनों दोषियों को बरी कर दिया था. इस फैसले को सुनकर हर कोई हैरान रह गया था.

क्या है पूरा मामला?

जानकारी के लिए बता दें कि फरवरी, 2012 को दिल्ली के छावला इलाके में रात करीब 8:45 बजे एक युवती हनुमान चौक से अपने घर की ओर जा रही थी. तभी रास्ते में एक लाल रंग की इंडिका कार आकर रुकी और इसमें से दो लड़के, जिन्होंने अपना चेहरा ढंक रखा था, उतरे और उन्होंने लड़की को जबरदस्ती कार में खींच लिया था. 

दोषियों ने करीब 70 किलोमीटर तक उस लड़की के साथ गैंगरेप किया था. साथ ही तीनों ने लड़की के साथ मारपीट भी की और उसके शरीर को गर्म लोहे और सिगरेट से भी जलाया. इसके बाद लड़की की आंखें भी फोड़ दीं. इसके अलावा दोषियों ने लड़की के सिर पर कई वार किए, उसके निजी अंग को जख्मी कर दिया, उसके चेहरे पर तेजाब दाल दिया और उसकी क्रूरता से हत्या कर उसे गाड़ी से फेंक दिया.

बाद में अभियुक्त गिरफ्तार किए गए थे. दिल्ली की अदालत ने 19 साल की युवती से रेप और हत्या के दोषी ठहराए जाने के बाद मौत की सजा सुनाई थी. इस फैसले को सही मनाते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने भी फांसी की सजा पर मुहर लगा दी थी. इसके बाद दोषियों की तरफ से सजा के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की गयी थी. जिसे कि SC ने खारिज कर दिया.

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