सुप्रीम कोर्ट के 49वें मुख्य न्यायाधीश (CJI) उदय उमेश ललित मंगलवार को रिटायर हो गए हैं. सीजेआई के रूप में अपने 74 दिन के कार्यकाल को पूरा करते हुए यूयू ललित आखिरी रोज सुप्रीम कोर्ट में अपने दफ्तर पहुंचे. वे यहां सबसे पहले सीढ़ियों पर नतमस्तक हुए, उसके बाद अंदर गए. सीजेआई के साथ उनकी पत्नी और बहू भी थीं. उन्होंने परिवार के साथ कैंपस का भ्रमण किया. बाद में वे दफ्तर से अपने साथ भगवान राम की मूर्ति लेकर घर चले गए. सीजेआई ने दफ्तर में सहयोगी स्टाफ और अन्य लोगों का आभार भी जताया है.
निवर्तमान सीजेआई यूयू ललित के करीबी सूत्रों के मुताबिक, उन्होंने अपने स्टाफ से बातचीत की और कहा कि आप सबकी मदद से ही वे अपने सभी वादों को पूरा कर पाए हैं. जस्टिस ललित ने संस्कृत सीखी है और वे भविष्य में कुछ करने की योजना भी बना रहे हैं. ललित का क्रिकेट के प्रति भी खासा लगाव है. इस बारे में सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष विकास सिंह ने भी सेवानिवृत्ति समारोह के दौरान जिक्र किया. उन्होंने बताया कि जस्टिस ललित ने कहा है कि वह निश्चित तौर पर चाहेंगे कि भारत इस टी20 विश्व कप को क्रिकेट में जीते. जस्टिस ललित खुद तेज रफ्तार गेंदबाज हैं.
यूयू ललित से जुड़े लोगों के मुताबिक, अब उनकी यहां कमी खलेगी. उन्होंने एक दिन पहले सुप्रीम कोर्ट के अधिकारियों के साथ अपनी तस्वीरें भी खिंचवाईं. जस्टिस ललित अब जिम्मेदारी बुधवार को जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ को सौंपने जा रहे हैं. जस्टिस चंद्रचूड़ भारत के 50 वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में पदभार संभालेंगे.
जस्टिस ललित ने SC कार्यवाही की लाइव स्ट्रीम शुरू करवाई
सीजेआई उदय उमेश ललित न्यायपालिका के दूसरे ऐसे प्रमुख हैं, जिन्हें बार से सीधे सुप्रीम कोर्ट की बेंच में पदोन्नत किया गया है. उन्होंने सीजेआई के रूप में अपने 74 दिन के संक्षिप्त कार्यकाल में कई महत्वपूर्ण फैसले दिए और कार्यवाहियों की लाइव स्ट्रीमिंग जैसे कदम उठाए. केसों को सूचीबद्ध करने की प्रक्रिया में बदलाव भी किया.
2014 में सुप्रीम कोर्ट में जज बने थे यूयू ललित
9 नवंबर, 1957 को जन्मे जस्टिस ललित को 13 अगस्त, 2014 को सुप्रीम कोर्ट में जज नियुक्त किया गया था. उन्होंने 27 अगस्त 2022 को 49वें CJI के रूप में शपथ ली थी. 8 नवंबर उनके कार्यालय का अंतिम दिन था. वह बार से सीधे SC बेंच में पदोन्नत होने वाले दूसरे CJI थे. उनसे पहले जस्टिस एसएम सीकरी जनवरी 1971 में 13वें CJI बने थे. SC के न्यायाधीश 65 वर्ष की आयु में सेवानिवृत्त होते हैं.