Delhi Police detain protesters during the Tiranga March दिल्ली के कनॉट प्लेस में प्रदर्शन को लेकर पुलिस की कार्रवाई जारी है. पुलिस सूत्रों के मुताबिक, अब तक 150 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया है. SFI, DYFI, AISF और AIYF के कार्यकर्ताओं ने तिरंगा मार्च निकालकर विरोध प्रदर्शन किया. इस दौरान CPI सांसद पी. संतोष कुमार ने कहा कि आने वाले दिनों में आंदोलन और तेज होगा. उन्होंने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि पुलिस की कार्रवाई से आंदोलन नहीं रुकेगा.
तिरंगा मार्च से पहले दिल्ली पुलिस ने अभिजीत दिपके को हिरासत में ले लिया था. वहीं, मंडी हाउस से नेहा बोरा को भी हिरासत में लिया गया. इससे पहले पुलिस ने दिपके को दो नोटिस जारी किए थे. इनमें उन्हें कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में नहीं आने और एक साल तक शांति बनाए रखने की शर्त का जिक्र था.
वहीं, नई दिल्ली ट्रेडर्स एसोसिएशन (NDTA) ने CJP के विरोध प्रदर्शन को लेकर बयान जारी किया था. एसोसिएशन ने सवाल उठाया कि विरोध प्रदर्शन के लिए कनॉट प्लेस को ही क्यों चुना गया, जबकि यह एक प्रमुख कारोबारी और बाजार क्षेत्र है. NDTA ने कहा कि लोगों को विरोध करने का अधिकार है, लेकिन कारोबारियों को भी अपनी आजीविका कमाने का अधिकार है. एसोसिएशन ने प्रदर्शनकारियों से तय प्रदर्शन स्थलों पर जाने की अपील की. साथ ही कहा कि त्योहारों के मौसम में बाजार में रुकावट से आम लोगों को परेशानी होती है. इससे कारोबार के साथ सरकारी राजस्व को भी नुकसान पहुंचता है.
बता दें, CJP तिरंगा लहराकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध जताना चाहती है. यह विरोध मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में अनियमितताओं के आरोपों को लेकर है.
दिल्ली पुलिस ने कनॉट प्लेस और आसपास लागू निषेधाज्ञा का हवाला देकर लोगों से मार्च से दूर रहने को कहा है. पुलिस के मुताबिक भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत पाबंदियां लागू हैं. NDMC ने भी प्रशासनिक कारणों से 16 और 17 अक्टूबर को सेंट्रल पार्क बंद रखने की जानकारी दी है.
AISA का दावा है कि नेहा बोरा को मंगोलपुरी स्थित एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स में अकेले हिरासत में रखा गया है. संगठन के मुताबिक, रात 8 बजे तक नेहा से कोई संपर्क नहीं हो पाया था. AISA का आरोप है कि पुलिस वकीलों को भी नेहा से मिलने नहीं दे रही है. संगठन ने नेहा को तुरंत रिहा करने की मांग की है.
इनपुट: अमित भारद्वाज
दिल्ली के कनॉट प्लेस में तिरंगा मार्च को लेकर पुलिस की कार्रवाई जारी है. सुत्रों के मुताबिक, अब तक 150 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया है. तिरंगा मार्च से पहले अभिजीत दिपके को हिरासत में लिया गया था, वहीं मंडी हाउस से नेहा बोरा को भी पुलिस ने हिरासत में लिया. इस बीच SFI, DYFI, AISF और AIYF के कार्यकर्ताओं ने तिरंगा मार्च निकालकर विरोध प्रदर्शन किया.
दिल्ली के कनॉट प्लेस में प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए पुलिस की कार्रवाई जारी है. मौके पर पहुंचे DCP ने प्रदर्शनकारियों से वहां से जाने को कहा. इस दौरान इलाके में हलचल बढ़ गई.
तिरंगा मार्च से पहले अभिजीत दिपके को हिरासत में लिए जाने पर ममता बनर्जी ने दिल्ली पुलिस पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने इसे अघोषित इमरजेंसी बताते हुए कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से अपने लोकतांत्रिक अधिकारों की बात रखने वाले युवाओं को हिरासत में लिया जा रहा है. ममता ने दिपके, आशुतोष और सौरव के समर्थन में कहा कि डराने और हिरासत में लेने से युवाओं की आवाज दबाई नहीं जा सकती.
तिरंगा मार्च को लेकर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने तंज कसा है. उन्होंने कहा, "आज ‘एकरंगा’ बनाम ‘तिरंगा’ का दिन है!"
दिल्ली में तिरंगा मार्च को लेकर हलचल जारी है. मंडी हाउस से AISA नेता नेहा बोरा को पुलिस ने डिटेन कर लिया है. वहीं, अभिजीत दिपके को भी हिरासत में लिया गया है.
दिल्ली के कनॉट प्लेस (CP) में CJP के विरोध में पालिका बाजार के दुकानदारों का एक समूह जुटा है. ये लोग CJP के प्रदर्शन का विरोध करते हुए दिल्ली पुलिस और ज्ञानेश कुमार के समर्थन में पहुंचे हैं.
दिल्ली में CJP के 'लहरा दो तिरंगा' प्रदर्शन को लेकर दिल्ली पुलिस के PRO राजीव रंजन ने कहा कि इस मामले में अब तक किसी ने पुलिस से संपर्क नहीं किया है. उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय ध्वज फहराने को लेकर फ्लैग कोड में नियम तय हैं. हर नागरिक को इनका पालन करते हुए तिरंगे का सम्मान करना चाहिए. राजीव रंजन ने यह भी कहा कि कुछ सोशल मीडिया अकाउंट पुलिस अधिकारियों की ड्यूटी के दौरान की तस्वीरें और वीडियो के साथ उनकी निजी जानकारी साझा कर रहे हैं. ऐसा करना निजता का उल्लंघन है और गैरकानूनी है.
बेंगलुरु में पुलिस से टाउन हॉल पर प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिलने के बाद CJP ने नई मांग रखी है. संगठन ने अब राष्ट्रीय ध्वज लेकर 'क्विट इंडिया मेमोरियल' तक 100 मीटर चलने की इजाजत मांगी है. इस दौरान प्रदर्शन, नारेबाजी या पोस्टर-बैनर ले जाने की अनुमति नहीं मांगी गई है.
दरअसल, CJP ने पहले बेंगलुरु के टाउन हॉल में प्रदर्शन करने की अनुमति मांगी थी. पुलिस ने इसकी इजाजत देने से इनकार कर दिया. इसकी वजह यह बताई गई कि कर्नाटक हाई कोर्ट के निर्देश के मुताबिक, बेंगलुरु में प्रदर्शन के लिए तय जगह फ्रीडम पार्क है. इसके अलावा किसी दूसरी जगह प्रदर्शन की अनुमति नहीं है.
इनपुट: नागार्जुन
आम आदमी पार्टी (AAP) ने भी तिरंगा मार्च शुरू कर दिया है. वहीं, दिल्ली पुलिस ने तिरंगा मार्च से पहले अभिजीत दिपके को डिटेन कर लिया है. इससे पहले पुलिस ने उन्हें दो नोटिस जारी किए थे.
अभिजीत दिपके को एहतियातन हिरासत में लिया गया है. इससे पहले दिल्ली पुलिस ने उन्हें एयरपोर्ट से हिरासत में लिया था. पुलिस ने उन्हें बाउंड डाउन किया था. इसके बाद कोर्ट ने 50 हजार रुपये के पीस बॉन्ड पर उन्हें छोड़ा था. साथ ही, एक साल तक शांति भंग नहीं करने की शर्त पर उनसे बॉन्ड पर हस्ताक्षर कराए गए थे.
तिरंगा मार्च से पहले दिल्ली में हलचल तेज हो गई है. दिल्ली पुलिस ने अभिजीत दिपके को डिटेन कर लिया है, जिसके बाद उनके समर्थक नारेबाजी कर रहे हैं.
तिरंगा मार्च से पहले कनॉट प्लेस (CP) में हलचल तेज हो गई है. कुछ प्रदर्शनकारी तिरंगा लेकर NDMC प्वाइंट पर पहुंचे हैं, जहां वे ऊपर चढ़कर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है. राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान को लेकर भी संदेश दिया गया है कि तिरंगे का सर्वोच्च सम्मान होना चाहिए और देशभक्ति हर व्यवहार में दिखनी चाहिए.
नई दिल्ली के DCP सचिन शर्मा ने CJP के ‘लेहरा दो तिरंगा’ प्रदर्शन को लेकर कहा कि नई दिल्ली जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू है. इसके तहत कुछ पाबंदियां हैं. उन्होंने सभी लोगों से कानून का पालन करने की अपील की.
अभिजीत दिपके को जारी नोटिस पर DCP ने कहा कि दिल्ली पुलिस एक्ट के तहत नोटिस दिया गया है. इसमें अभिजीत को धारा 163 लागू होने की जानकारी दी गई है और ऐसे कदमों के नतीजों के बारे में बताया गया है. उन्होंने कहा कि कनॉट प्लेस में त्योहारों का मौसम होने के कारण इन बातों को ध्यान में रखने को कहा गया है. कानून के मुताबिक जो भी कार्रवाई उचित होगी, वह की जाएगी.
अभिजीत दिपके को दिल्ली पुलिस ने आज दो नोटिस दिए हैं. पहला नोटिस नई दिल्ली जिले की पुलिस ने दिल्ली पुलिस एक्ट के तहत जारी किया है. इसमें उन्हें सेंट्रल पार्क नहीं आने को कहा गया है, जहां धारा 163 लागू है. दूसरा नोटिस साउथ-वेस्ट दिल्ली पुलिस की ओर से दिया गया है. इसमें अभिजीत, आशुतोष और सौरव को एयरपोर्ट से एहतियातन हिरासत में लेकर कोर्ट में पेश किए जाने के बाद एक साल तक शांति बनाए रखने की शर्त का जिक्र है.
दिल्ली में CJP के ‘लेहरा दो तिरंगा’ प्रदर्शन को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं. स्पेशल सेल के DCP नर्रा चैतन्य ने कहा कि सुरक्षा के सभी इंतजाम पूरे हैं. पुलिस यह सुनिश्चित करेगी कि स्थिति शांतिपूर्ण बनी रहे. उन्होंने कहा कि फिलहाल मौके पर हालात पूरी तरह शांतिपूर्ण हैं.
दिल्ली के कनॉट प्लेस में शाम 5 बजे प्रस्तावित तिरंगा मार्च और प्रदर्शन को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है. मार्च से पहले पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवानों की ब्रीफिंग की जा रही है. मौके पर बड़ी संख्या में सुरक्षा बल तैनात हैं. वहीं, कनॉट प्लेस में भारी जाम की स्थिति है. स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कई दिनों से यहां जाम के चलते उन्हें आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
इनपुट: जितेंद्र बहादुर/मुनीश पांडे
कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में शाम 5 बजे के प्रस्तावित तिरंगा यात्रा से पहले दिल्ली पुलिस की एक टीम NCP-SCP के प्रवक्ता अनीश गवांडे के घर पहुंचे, जहां CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ठहरे हुए हैं. दिल्ली पुलिस एक्ट (DP एक्ट) के तहत अभिजीत को नोटिस भेजा गया है. कुछ ही देर में दिपके क्नॉट प्लेस रवाना होने वाले थे.
CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके के कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में तिरंगा यात्रा से पहले उनके घर पर पुलिस पहुंची है.
इनपुट: शिवानी शर्मा
दिल्ली में आम आदमी पार्टी के नेता 200 फुट लंबा तिरंगा लेकर निकले हैं. इस बीच, सौरभ भारद्वाज ने कहा, वे कहते हैं कि आप भारत में तिरंगा नहीं फहरा सकते. हम ऐसा क्यों नहीं कर सकते, क्या हम कुछ गलत कर रहे हैं. अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई तो यही थी. अंग्रेज कहते थे कि सिर्फ ब्रिटिश झंडा ही फहराया जाएगा, और भारतीय कहते थे कि हम तिरंगा फहराएंगे. तिरंगे को रोकने के लिए सुरक्षा बढ़ाई जा रही है.
कांग्रेस के राज्यसभा सांसद पवन खेड़ा ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि उनकी पार्टी का अभियान ‘वोट चोर, गद्दी छोड़’ जारी है. उन्होंने दावा किया कि पूरे देश में लोग खुले तौर पर यह बात कह रहे हैं. उन्होंने कहा कि विपक्ष का इरादा इस सरकार को हराने और व्यवस्था बदलने का है. उन्होंने सवाल उठाया कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को इस पर आपत्ति क्यों हुई, जबकि विपक्ष खुद कह रहा है कि वह सरकार बदलना चाहता है. उन्होंने कहा कि विपक्ष का मकसद हमेशा चुनाव के जरिए सत्ता बदलना होता है. पवन खेड़ा ने आरोप लगाया कि सत्ताधारी लोग अब लोकतंत्र के आदी नहीं रहे हैं.
‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च के ऐलान के बाद दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी गई है. राजधानी में हाई अलर्ट के बीच पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं. मार्च को देखते हुए संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बढ़ाई गई है और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है.
मुंबई के आजाद मैदान में CJP को सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक तिरंगा यात्रा निकालने की इजाजत दी गई है. मुंबई पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं, ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी होने पर उसे संभाला जा सके. CJP के कार्यकर्ताओं का कहना है कि वे मैदान के अंदर ही विरोध प्रदर्शन करेंगे और सड़कों पर नहीं उतरेंगे. उनका कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा. (Input: Dipesh Tripathi)
नई दिल्ली ट्रेडर्स एसोसिएशन (NDTA) ने 14 अक्टूबर को गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर 16 अक्टूबर को कनॉट प्लेस में होने वाली ‘लहरा दो तिरंगा’ रैली को लेकर चिंता जताई थी.
(Input: Arvind Ojha)
आज कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में प्रस्तावित प्रदर्शन के चलते कई सड़कों पर यातायात प्रभावित हो सकता है. दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने इसे लेकर एडवाइजरी जारी की है. दोपहर 3 बजे से कनॉट प्लेस और उसके आसपास के इलाकों में ट्रैफिक पर असर पड़ने की आशंका है. ऐसे में वाहन चालकों को अपनी यात्रा की योजना पहले से बनाने की सलाह दी गई है.

ट्रैफिक पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे घर से निकलने से पहले अपने रास्ते की जानकारी ले लें. सफर के लिए पर्याप्त समय लेकर निकलें, ताकि रास्ते में जाम की वजह से परेशानी न हो. जहां तक संभव हो, लोग निजी वाहनों के बजाय सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करें. पुलिस ने यह भी कहा है कि जरूरत पड़ने पर मौजूदा हालात के मुताबिक, ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया जा सकता है.

दिल्ली के कनॉट प्लेस में आज शुक्रवार, 16 अक्टूबर को 'लहरा दो तिरंगा' मार्च निकाला जाना है. CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने शाम 5 बजे सेंट्रल पार्क में जुटने की अपील की है. यह प्रदर्शन पार्टी के दो नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका की गिरफ्तारी के विरोध में किया जा रहा है. प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी है और कनॉट प्लेस और आसपास के इलाकों में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत पाबंदी लागू है.

CJP ने बेंगलुरु के टाउन हॉल में विरोध प्रदर्शन करने के लिए पुलिस से इजाजत मांगी थी. पुलिस ने इजाजत देने से इनकार कर दिया है, क्योंकि हाईकोर्ट ने बेंगलुरु में केवल फ्रीडम पार्क में ही विरोध प्रदर्शन की इजाजत दी है. यह विरोध प्रदर्शन के लिए तय की गई जगह है. हाईकोर्ट के मुताबिक, बेंगलुरु में किसी और जगह पर विरोध प्रदर्शन नहीं किया जा सकता. (Input: Nagarjun)
दिल्ली पुलिस ने कनॉट प्लेस और आसपास लागू निषेधाज्ञा का हवाला देकर लोगों से मार्च से दूर रहने को कहा है. पुलिस के बताया कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत पाबंदियां लागू हैं. NDMC ने भी प्रशासनिक कारणों से 16 और 17 अक्टूबर को सेंट्रल पार्क बंद रखने की जानकारी दी है.

अभिजीत दिपके ने दावा किया है कि बिना नंबर प्लेट वाली गाड़ियां उनका पीछा कर रही हैं. इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) के कर्मचारी उनके घर की निगरानी कर रहे हैं. उन्होंने आशंका जताई कि दिल्ली पुलिस उन्हें आज शुक्रवार सुबह हिरासत में ले सकती है.

अभिजीत दिपके के कनॉट प्लेस के के सेंट्रल पार्क में 'लहरा दो तिरंगा' प्रदर्शन के आह्वान के बाद कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए इलाके में सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है.
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत ने आज कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क पर तिरंगा यात्रा का ऐलान किया है. CJP ने अपने समर्थकों और आम लोगों से शाम 5 बजे सेंट्रल पार्क में जुटने की अपील की है. कनॉट प्लेस में दिल्ली पुलिस ने सख्ती बढ़ा दी है.
नई दिल्ली ट्रेडर्स एसोसिएशन ने CJP के विरोध प्रदर्शन से पहले एक बयान जारी किया है. NDTA ने सवाल उठाया है कि CP ही क्यों? यह एक सेंट्रल बिजनेस डिस्ट्रिक्ट और मार्केट एरिया है, न कि विरोध प्रदर्शन की जगह. उन्हें विरोध करने का अधिकार है, तो हमें भी अपनी आजीविका कमाने का अधिकार है. वे विरोध प्रदर्शन के लिए तय की गई जगहों पर जाकर प्रदर्शन क्यों नहीं करते.