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देश की राजधानी दिल्ली कोरोना की नई लहर से जूझ रही है. कोरोना के मामलों को काबू में लाने के लिए सरकार ने एक हफ्ते का लॉकडाउन लगाया है. लॉकडाउन का पालन करवाने की जिम्मेदारी दिल्ली पुलिस के हाथ में है. लेकिन पुलिस भी कोरोना की इस दूसरी लहर से बच नहीं पाई है. कोरोना की दूसरी लहर में दिल्ली पुलिस के करीब 1500 जवान कोरोना की चपेट में आ चुके हैं, जबकि कुछ जवानों की जान भी चली गई है.
पिछले 24 घंटे में दिल्ली पुलिस के दो जवान कोरोना के कारण अपनी जान गंवा चुके हैं. भारत नगर में तैनात सब इंस्पेक्टर अंकित चौधरी की Covid-19 के कारण मौत हुई, जबकि कोविड से दूसरी मौत असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर सुरेश की हुई है.
हालत की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली पुलिस कमिश्नर लगातार पुलिसकर्मियों को सावधानी बरतने की हिदायत भी दे रहे हैं. इसी कड़ी में दिल्ली पुलिस कमिश्नर ने यह फैसला लिया है कि 58 साल से ज्यादा के पुलिसकर्मियों को फिलहाल फील्ड में तैनात नहीं किया जाएगा.
दिल्ली पुलिस कमिश्नर रतन श्रीवास्तव ने बताया कि दिल्ली पुलिस के जवानों और उनके परिवारों के लिए दिल्ली में तीन कोविड-19 सेंटर तैयार किए गए हैं. जिनमें से एक द्वारका, दूसरा शाहदरा और तीसरा रोहिणी में बनाया गया है. यहां कोरोना वायरस होने पर पुलिसकर्मियों को बेहतर इलाज की सुविधा दी जा सकेगी.
गौरतलब है कि साल 2020 में दिल्ली पुलिस के लगभग 7 हजार 6 सौ 67 जवान कोरोना पॉजिटिव हुए थे. जबकि 30 की मौत हुई. इस बार भी कानून व्यवस्था से लेकर लॉकडाउन का पालन करवाना, बुजुर्गों तक खुद जाकर दवा देना, गर्भवती महिला को अस्पताल पहुंचाना, गरीब मजदूर को खाना खिलाना और अस्पतालों तक ऑक्सीजन पहुचाने का काम भी दिल्ली पुलिस कर रही है.