इससे पहले जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) की ओर से 'रामायण से नेतृत्व के सबक' विषय पर सेमिनार का आयोजन किया गया. 2 और 3 मई को ऑनलाइन सेमिनार का आयोजन हुआ. इसका आयोजन प्रोफेसर संतोष कुमार शुक्ला और प्रोफेसर मजहर आसिफ ने किया.
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'रामायण से नेतृत्व के सबक' विषय पर एक वेबिनार के बाद, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय अब कोरोना संकट के दौरान भगवद्गीता के पाठ पर एक वेबिनार आयोजित कराने जा रहा है.
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अमेरिका में पढ़ाते हैं प्रोफेसर काक
जेएनयू के कुलपति जगदीश कुमार ने इस संबंध में जानकारी देते हए कहा कि अमेरिका के ओक्लाहोमा स्टेट यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर सुभाष काक के द्वारा हमें 7 मई 2020, गुरुवार को, कोविड-19 संकट के दौरान 'लेसन ऑन द भगवद्गीता' से एक वेबिनार की घोषणा करते हुए खुशी हो रही है.
काक स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग, जेएनयू में एक मानद विजिटिंग प्रोफेसर हैं और साइबर स्पेस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम कंप्यूटिंग, आर्कियोएस्ट्रोनॉमी और विज्ञान के इतिहास के क्षेत्र में काम करते हैं और खासा अनुभव भी रखते हैं.
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लेखक और प्रोफेसर सुभाष काक 2018 से प्रधानमंत्री के विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार सलाहकार परिषद (PM-STIAC) के सदस्य भी हैं, और उन्हें 2019 में पद्मश्री से नवाजा गया था.
रामायण से जुड़ा सेमिनार
रामायण से जुड़े सेमिनार के बारे में जानकारी देते हुए पिछले महीने वाइस चांसलर एम. जगदीश कुमार ने कहा था, 'राम के बारे में 1946 में महात्मा गांधी ने कहा था कि वह अकेले ही महान हैं. उनसे बड़ा कोई नहीं है. वह निराकार, बेदाग हैं. ऐसा मेरा राम है. वह अकेले ही मेरे भगवान और गुरु हैं. जेएनयू 'रामायण से नेतृत्व के सबक' सेमिनार का आयोजन कर रहा है. आपका स्वागत है.'
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जेएनयू की ओर से इन दिनों कई ऑनलाइन सेमिनार का आयोजन किया जा रहा है. इससे पहले जेएनयू ने कोरोना को लेकर अंतरराष्ट्रीय वेबिनार का आयोजन किया था. इस दौरान कोरोना वायरस से चुनौतियों और इसके निवारक उपायों पर चर्चा करने के लिए दुनियाभर से करीब 1000 प्रतिभागियों हिस्सा लिया था.