राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में प्रदूषण के बीच लगातार बढ़ते कोरोना के मामलों को लेकर दिल्ली सरकार की चिंताएं भी बढ़ गई हैं. दिल्ली कोरोना की तीसरी लहर की चपेट में है और रिकॉर्ड केस सामने आ रहे हैं. इस बीच दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने उम्मीद जताई है कि अब कोरोना मामलों में गिरावट आ सकती है. सत्येंद्र जैन ने कहा कि तीसरा पीक चल रहा है. रिकॉर्ड केस सामने आने के बाद अब मामलों में कमी आने की उम्मीद है.
वहीं, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) ने शनिवार को कहा कि दिल्ली में पिछले कुछ दिन में रोजाना कोविड-19 के 6,000 से अधिक मामले सामने आए हैं. इसमें 13 प्रतिशत बढ़ोतरी वायु प्रदूषण के कारण होने का अनुमान है. समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक आईएमए ने कहा कि एन-95 मास्क और एयर प्यूरीफायर पूरी तरह बचाव नहीं कर सकते. प्रदूषण के स्तर को कम करने के लिए दीर्घकालिक उपाय लागू करने की जरूरत है.
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) ने कहा कि वायु प्रदूषण फेफड़ों के आंतरिक भाग को नुकसान पहुंचाता है. इससे कोविड-19 संक्रमण का खतरा और बढ़ जाता है. साथ ही आईएमए ने कहा कि पिछले कुछ दिन में दिल्ली में प्रतिदिन कोविड-19 के 6,000 से अधिक मामले सामने आए हैं. इसमें 13 प्रतिशत बढ़ोतरी प्रदूषण के कारण होने का अनुमान है. राष्ट्रीय राजधानी और आस-पास के क्षेत्रों में पिछले 10 दिन में वायु प्रदूषण के स्तर में तेजी से इजाफा हुआ है.
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विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के वायु प्रदूषण संबंधी आंकड़े दर्शाते हैं कि दिल्ली में पीएम 10 और पीएम 2.5 का स्तर सामान्य स्तर से अधिक है. हवा की खराब गुणवत्ता से दमा और हृदय संबंधी बीमारियां बढ़ सकती हैं. दिल्ली की हवा में पीएम 2.5 की अत्यधिक मात्रा होने की वजह से केवल घूमने-फिरने से स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें हो सकती हैं.
दिल्ली में 40 हजार से अधिक एक्टिव केस
दिल्ली में शनिवार को कोविड-19 के 6,953 नए मामले सामने आने के बाद संक्रमितों की संख्या बढ़कर 4,30,784 हो गई है. स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी बुलेटिन के अनुसार शहर में कोरोना के अभी 40,258 एक्टिव केस हैं. दिल्ली में अब तक 50,49,020 टेस्ट हो चुके हैं. दिल्ली में संक्रमण दर 12.11 फीसदी और रिकवरी दर 89.05 फीसदी है.