scorecardresearch
 

SC के फैसले के बाद दिल्ली में पटाखा बैन, दुकानों पर मची 'लूट'

ज्यादातर व्यापारियों से जब 'आज तक' की टीम ने उनकी समस्या को लेकर पूछा तो उनका कहना था कि हमारा बहुत नुकसान हुआ है. इसकी भरपाई नहीं हो सकती. हम एक बार फिर कोर्ट जाएंगे. अभी तो बिक्री शुरू भी नहीं हुई थी कि बैन लग गया. जामा मस्जिद के पटाखे बाजार की बात करें तो करोड़ों रुपये का धंधा चौपट हो गया है.

Advertisement
X
दिल्ली की एक पटाखा दुकान
दिल्ली की एक पटाखा दुकान

Advertisement

दिल्ली-एनसीआर में देश की सर्वोच्च अदालत यानि सुप्रीम कोर्ट ने फैसला देते हुए पटाखे बेंचने पर 31 अक्टूबर तक बैन लगा दिया. मगर इस फैसले कि खबर जैसे ही पटाखा व्यापारियों और लोगों को पता चली उसके बाद दुकानों पर अचानक से भीड़ बढ़ गई. जामा मस्जिद पर पटाखों की कई दुकानें हैं. यहां पर कई लोग हजारों रुपये के पटाखे खरीदते हुए दिखाई दिये. जब लोगों से इसे लेकर पूछा गया तो उनका कहना था कि बिना पटाखों के तो दिवाली नहीं मना सकते. इसलिए पटाखे भी खरीद लेते हैं. वैसे भी सुप्रीम कोर्ट ने पटाखे बेचने पर रोक लगाई है, फोड़ने पर नहीं.

इलाके में कई दुकानदार पटाखे बेचते नजर आए . जब 'आज तक' की टीम ने उनसे पूछा कि अब तो सुप्रीम कोर्ट ने पटाखे बेचने पर बैन लगा दिया है तो उनका कहना था कि अभी हमारे पास कोई ऑर्डर नहीं आया है. मीडिया की खबरों पर तो हम दुकान नहीं बंद कर सकते. जैसे ही हमारे पास आदेश आएगा दुकान बंद कर देंगे.

Advertisement

ज्यादातर व्यापारियों से जब 'आज तक' की टीम ने उनकी समस्या को लेकर पूछा तो उनका कहना था कि हमारा बहुत नुकसान हुआ है. इसकी भरपाई नहीं हो सकती. हम एक बार फिर कोर्ट जाएंगे. अभी तो बिक्री शुरू भी नहीं हुई थी कि बैन लग गया. जामा मस्जिद के पटाखे बाजार की बात करें तो करोड़ों रुपये का धंधा चौपट हो गया है.

इस बीच कई पटाखा व्यापारी मीडिया के कैमरों से परेशान थे. जैसे ही मीडिया के कैमरे उनकी दुकानों पर पहुंच रहे थे उन्हें पटाखे छुपाने पड़ रहे थे. कई दुकानदार कह रहे थे कि मीडिया वाले चलें जाएं, हमें कोई तकलीफ नहीं. यानी कि दुकानदार आज सिर्फ पटाखे बेचने में व्यस्त थे.

जब लोगों से पटाखों के बैन पर सवाल किया गया तो उनका कहना था कि ये फैसला सही भी है. हमारे बच्चे प्रदूषण से बीमार हो रहे हैं. ऐसे में ये एक अच्छा फैसला है. पिछले साल दिवाली पर बहुत प्रदूषण हो गया था इसलिए इस साल ये फैसला अच्छा साबित होगा. हां मगर दिवाली में मजा तो किरकिरा हो जाएगा.

Advertisement
Advertisement