दिल्ली में एक नामी पब में मारपीट के मामले में 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. घटना 27 जुलाई की रात को हुई थी.
वसंत कुंज के नामचीन नाइट क्लब में हुई गुंडागर्दी के मामले में स्पेशल टास्क फोर्स ने 10 लोगों को गिरफ्तार किया, जो दिल्ली के अलग-अलग जगहों पर सिक्योरिटी पर्सन और बाउंसर का काम करते थे. इनकी अगुवाई एक पूर्व एमएलए का बेटा कर रहा था. पुलिस ने इन सभी पर हत्या के प्रयास और अन्य धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया है. गिरफ्तार लोगों में शिवम गुप्ता, शुभम जैन और कबीर शेख शामिल हैं.
पुलिस के मुताबिक, मुख्य आरोपी का नाम पार्थ वाडिया है, जो नामी बिजनेसमैन किशनलाल वाडिया का पोता है. पार्थ घटना के बाद फरार था, जिसके खिलाफ गैर जमानती वारंट और लुटआउट नोटिस जारी किया गया था. पुलिस को जानकारी मिली थी कि पार्थ वाडिया का साथी रणविजय लोचव पूर्व एमएलए का बेटा है, जो विदेश भागने की फिराक में था.
पुलिस का मानना है कि पूरी घटना पहले से प्लान की गई थी और इसे बदला लेने के इरादे से अंजाम दिया गया. पुलिस के मुताबिक, पब में इन आरोपियों की एंट्री कुछ महीने पहले रोक दी गई थी, जिसका बदला लेने के लिए मारपीट की गई. घटना पब में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद कर है. सीसीटीवी में साफ दिख रहा है कि आरोपी किस तरह से पब में एंट्री कर रहे हैं और फिर खुद पब स्टाफ से उलझ रहे हैं.
सीसीटीवी से यह भी साफ हुआ कि घटना के वक्त 25 लोग पब में घुसे और हंगामा किया. पुलिस मान रही है कि आरोपियों में से 5 मुख्य आरोपी पार्थ वाडिया के साथी थे.