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3 महीने की प्रेग्नेंसी, रक्षा मंत्रालय में नौकरी... ससुराल वालों की प्रताड़ना से तंग विवाहिता ने दी जान

तीन महीने की गर्भवती रक्षा मंत्रालय में कार्यरत महिला ने कथित तौर पर ससुराल वालों की मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना से परेशान होकर 21 अगस्त को खुदकुशी कर ली. FIR के मुताबिक महिला फोन पर अपने मायके वालों को ससुराल में हो रही परेशानी के बारे में बताती थी. घटना की जानकारी मिलने के बाद परिवार ने ससुराल पक्ष पर हत्या का आरोप लगाया है.

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महिला, जिसने प्रताड़ना से तंग आकर अपना जीवन खत्म कर लिया. (Photo: ITG)
महिला, जिसने प्रताड़ना से तंग आकर अपना जीवन खत्म कर लिया. (Photo: ITG)

दिल्ली में तीन महीने की गर्भवती एक महिला ने कथित तौर पर ससुराल वालों की मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना से परेशान होकर खुदकुशी कर ली. मृतका रक्षा मंत्रालय में कार्यरत थी. घटना के बाद महिला के मायके वालों ने उसके पति और ससुराल के अन्य सदस्यों पर गंभीर आरोप लगाए हैं. मामले में पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

मायके वालों से भी बताती थी प्रताड़ना की बात
FIR के अनुसार महिला को उसके पति और ससुराल वालों की ओर से लगातार मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान किया जा रहा था. यह बात उसने फोन कॉल के जरिए अपने मायके वालों को ससुराल में हो रही परेशानी के बारे में बताती थी. परिवार का कहना है कि वह लगातार तनाव में थी और उन्हें अपनी स्थिति के बारे में जानकारी देती रहती थी.

परिजनों के मुताबिक 21 अगस्त को उन्हें एक फोन कॉल आया. फोन पर बताया गया कि उनकी बेटी ने खुदकुशी कर ली है. यह खबर सुनते ही परिवार में मातम छा गया. मायके वालों का आरोप है कि उनकी बेटी ने खुदकुशी नहीं की, बल्कि ससुराल वालों ने उसकी हत्या की है. उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है.

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परिवार के आरोपों के आधार पर जांच में जुटी पुलिस
पुलिस ने परिवार की शिकायत के आधार पर FIR दर्ज कर ली है. अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखा जा रहा है. पुलिस मृतका के परिवार के आरोपों के साथ-साथ ससुराल पक्ष की भूमिका की भी जांच कर रही है.

जांच के दौरान महिला की फोन कॉल डिटेल, परिवार के साथ हुई बातचीत और अन्य परिस्थितिजन्य साक्ष्यों को भी देखा जा सकता है. फिलहाल पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि महिला ने किन परिस्थितियों में यह कदम उठाया और उसकी मौत के लिए कौन जिम्मेदार है.

परिजनों का आरोप पुलिस ने नहीं जोड़ी दहेज उत्पीड़न की धारा
मृतक महिला के परिजनों ने पुलिस पर भी दहेज कानून की धाराएं नहीं जोड़ने का आरोप लगाया है. परिजन का कहना है कि आरोपी पति अमजद अली खान व उसके पिता की पुलिस में पहचान है. क्योंकि उसके पिता भी पुलिस सेवा से रिटायर्ड हैं, इसी वजह से पुलिस ने आरोपी परिवार के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है. 48 घंटे से ज़्यादा बीत चुके हैं और आरोपी अभी भी फरार है.

DCP द्वारका ने क्या कहा?
डीसीपी द्वारा ने कहा कि पीसीआर से कॉल मिली थी. मृतक की पहचान नाज़िया खानम (पिता: तवाब खान, उम्र लगभग 30 वर्ष) के रूप में हुई. मृतक नाज़िया खानम की शादी 11.04.2026 को मुस्लिम रीति-रिवाजों के अनुसार मो. आज़म अली खान से हुई थी और वह रक्षा मंत्रालय में ASO के पद पर तैनात थीं. 21 अगस्त को मृतक के परिवार के सदस्य संबंधित एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट के सामने पेश हुए और अपने लिखित बयान दिए. उस समय दिए गए बयानों में उन्होंने मृतक के ससुराल पक्ष के किसी भी सदस्य पर कोई शक या आरोप नहीं लगाया.

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इसके बाद 22 अगस्त को मृतक के माता-पिता फिर से संबंधित SDM के सामने पेश हुए और एक और बयान/शिकायत दी, जिसमें मृतक के पति और ससुराल पक्ष के अन्य सदस्यों पर आरोप लगाए गए. बाद में दिए गए बयान/शिकायत और उसमें बताई गई बातों के आधार पर, PS सेक्टर-23, द्वारका में FIR नंबर 214/2026 दर्ज की गई और जांच शुरू की गई है. जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी. 

नोट:- (अगर आपके या आपके किसी परिचित के मन में आता है खुदकुशी का ख्याल तो ये बेहद गंभीर मेडिकल एमरजेंसी है. तुरंत भारत सरकार की जीवनसाथी हेल्पलाइन 18002333330 पर संपर्क करें. आप टेलिमानस हेल्पलाइन नंबर 1800914416 पर भी कॉल कर सकते हैं. यहां आपकी पहचान पूरी तरह से गोपनीय रखी जाएगी और विशेषज्ञ आपको इस स्थिति से उबरने के लिए जरूरी परामर्श देंगे. याद रखिए जान है तो जहान है.)

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