दिल्ली में नगर निगम चुनाव का इंतज़ार कर रही आम आदमी पार्टी (आप) अब भाजपा के खिलाफ़ नए आरोप लेकर सामने आयी है. पार्टी प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज ने भाजपा शासित नार्थ एमसीडी की ओर से 25 लाख के पार्षद फंड को 600 फीसदी बढ़ाकर 1.5 करोड़ करने पर सवाल खड़े किए हैं.
AAP नेता सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाते हुए कहा कि दिल्ली के अंदर जगह-जगह कूड़ा फैल रहा है. सफाई कर्मचारी हड़ताल पर हैं और साथ-साथ तीनों नगर निगम के कर्मचारियों की हड़ताल चल रही है. क्योंकि डॉक्टरों को, नर्सों को, सफाई कर्मियों और कई अन्य कर्मचारियों को करीब 5 महीनों से निगम ने वेतन नहीं दिया है.
उन्होंने कहा कि यह कैसे संभव है कि जिस नगर निगम के पास 5 महीनों से कर्मचारियों को वेतन देने के लिए पैसे नहीं हैं, वही नगर निगम अपने पार्षदों को 600 प्रतिशत ज्यादा फंड आवंटित करने जा रही है.
सौरभ भारद्वाज ने आगे कहा कि उत्तरी दिल्ली नगर निगम में हैरान कर देने वाली बात यह है कि पार्षदों का वो पार्षद फंड जो पहले 25 लाख हुआ करता था अब उसे 600 प्रतिशत बढ़ाया जा रहा है. यानी कि 25 लाख के फंड को बढ़ाकर डेढ़ करोड़ किया जा रहा है. जबकि ऑडिट रिपोर्ट में बताया गया है कि नगर निगम के कई काम जैसे- सड़क और नालियां बनाना कागज़ों पर हुए हैं, ज़मीन पर नहीं. खुद ऑडिटर कह रहा है कि हमें नहीं लगता कि ये काम किए गए हैं. पार्षद फंड से जो इस तरह के काम किए जाते हैं, उन पर संदेह जताया जा रहा कि ये काम किए गए हैं या नहीं.
उधर दिल्ली भाजपा ने पलटवार करते हुए कहा है कि आम आदमी पार्टी नकारात्मक राजनीति कर रही है. दिल्ली भाजपा के प्रवक्ता प्रवीण शंकर कपूर ने AAP के आरोप पर बयान जारी कर कहा, "नगर निगमों को लेकर नकारात्मक राजनीति आम आदमी पार्टी की पहचान बन गई है. इस पार्टी के प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज दिल्ली के विकास के बारे में सोचने की बजाय केवल नगर निगमों को लेकर रोज नये झूठ गढ़ने में लगे रहते हैं. जबकि कुछ समय पूर्व एक स्वतंत्र सर्वे में AAP के सभी पार्षदों के कामकाज का प्रदर्शन बहुत खराब पाया गया था."
दिल्ली भाजपा प्रवक्ता ने बताया कि उत्तरी निगम के द्वारा घोषित योजनाएं पूर्णता पारदर्शी हैं और सत्तादल के साथ-साथ सभी विपक्षी पार्षदों पर भी लागू होती हैं. ऐसे में भ्रष्टाचार की कोई संभावना नज़र नहीं आती है. इसी तरह सालाना पार्षद फंड की वृद्धि भी सभी पार्षदों के लिए है.