दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण के बढ़ते स्तर पर आम आदमी पार्टी (आप) सरकार ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है. उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि प्रदूषण को लेकर केंद्र सरकार की निष्क्रियता का नुकसान पूरे देश को प्रभावित कर रहा है. उनका कहना है कि प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए दिल्ली सरकार कई प्रयास कर रही है.
दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि आखिरी के 3 महीने होते हैं, तब सबका कंसर्न जागता है. दिल्ली सरकार लगातार काम कर रही है कि दिल्ली के पॉल्युशन को कैसे कम किया जाए. पॉल्युशन और पराली सिर्फ दिल्ली की समस्या नहीं है, ये पूरे उत्तर भारत की समस्या है.
केंद्र पर निशाना साधते हुए उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि अफसोस की बात है कि केंद्र सरकार ने पूरे साल इस समस्या को लेकर कोई काम नहीं किया. हाथ पर हाथ धरे बैठी रही. केंद्र सरकार की इस निष्क्रियता का नुकसान पूरे देश को प्रभावित कर रहा है. जहां पराली जल रही है, उस जगह जो किसान रह रहा है, उसे भी दिक्कत का सामना करना पड़ता है.
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उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि ENVIRONMENT POLLUTION (PREVENTION & CONTROL) AUTHORITY (EPCA) से भी अपील करना चाहता हूं कि वो भी देखें इस बात को. क्या EPCA जैसी संस्था भी केंद्र और राज्य सरकारों से काम करवाने में भी फेल रही है.
इस बीच दिल्ली में नरेला के हिरनकी गांव में भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान(पूसा इंस्टीट्यूट) द्वारा तैयार बायो डिकम्पोजर का छिड़काव शुरू हुआ. मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने पूसा इंस्टीट्यूट के वैज्ञानिकों के साथ बायो डिकम्पोजर के छिड़काव की शुरुआत की.
हिरनकी गांव के 1 हेक्टेयर(ढाई एकड़) धान के खेत में 500 लीटर बायो डिकम्पोजर का छिड़काव किया जा रहा है. 1 हेक्टेयर खेत मे में छिड़काव के लिए 25 लीटर बायो डिकम्पोजर के साथ 475 लीटर पानी मिलाया जाता है. दिल्ली में करीब 2000 एकड़ खेत में धान की खेती होती है. अबतक इसमें से डेढ़ हजार एकड़ पर छिड़काव के लिए किसानों की अनुमति मिल गई है.