दिल्ली विधानसभा चुनाव में भले ही अभी कुछ महीनों का समय बाकी है, लेकिन राजनीतिक दलों ने चुनावी तैयारियां तेज कर दी हैं. जहां पार्टियां चुनाव के लिए रणनीति बनाने में जुटी हैं, आरोप- प्रत्यारोप तेज हो गया है, वहीं अब टिकटों के लिए जोर आजमाइश का सिलसिला भी शुरू हो गया है. दिल्ली की सत्ता से 21 साल का वनवास समाप्त करने की कोशिश में जुटी भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) में भी टिकट की रेस शुरू हो चुकी है.
केंद्र की सत्ता में काबिज बीजेपी में राज्य की इस जंग के लिए किसको मिलेगा टिकट और किसे करना होगा अभी और इंतजार, ये सवाल हर किसी के जेहन में है. सूत्रों के मुताबिक पूर्व मुख्यमंत्री, मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार, विधायक के पुत्र और बहू भी टिकट की रेस में है. कुछ ऐसे नेता भी जो पार्टी में नए- नवेले हैं, वह भी टिकट के लिए कतार में हैं. 70 विधानसभा सीट में से हर सीट से कई प्रत्याशी टिकट मांग रहे हैं, लेकिन इनमें तीन से चार संभावित प्रत्याशी हैं.
मोतीनगर से दावेदार हैं पूर्व मुख्यमंत्री
पश्चिमी दिल्ली के मोतीनगर विधानसभा क्षेत्र से दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री मदनलाल खुराना के बेटे हरीश खुराना टिकट के दावेदार हैं. वहीं बीजेपी के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार रहे वरिष्ठ नेता विजय कुमार मल्होत्रा के बेटे अजय मल्होत्रा ग्रेटर कैलाश से टिकट मांग रहे हैं.
जनकपुरी विधानसभा सीट से बीजेपी के विधायक रहे और फिलहाल राज्यपाल जगदीश मुखी के बेटे अतुल मुखी, घोंडा सीट से पूर्व विधायक साहिब सिंह चौहान की बहू पूनम चौहान, मुंडका सीट से पूर्व मुख्यमंत्री साहिब सिंह वर्मा के भतीजे और वर्तमान में पश्चिमी दिल्ली लोकसभा सीट से सांसद प्रवेश वर्मा के भाई दुष्यंत लकड़ा ने भी अपनी दावेदारी की है.
यह नेता पुत्र भी हैं कतार में
तिलक नगर से विधायक रहे ओपी बब्बर के पुत्र राजीव बब्बर ने टिकट की दावेदारी की है. राजीव दो बार चुनाव लड़ चुके हैं और दोनों ही बार हार मिली थी. दिल्ली बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष और विधायक रहे मांगे राम गर्ग के बेटे सतीश गर्ग वजीरपुर सीट से, तो वहीं बल्लीमारान सीट से पूर्व विधायक मोतीलाल सोढ़ी के बेटे हीरा सोढ़ी टिकट मांग रहे हैं.
बाहरियों ने बढ़ाई मुसीबत
बीजेपी में बाहर से आए कई नेता भी टिकट के लिए मनचाही सीटों से दावेदारी कर रहे हैं, जिससे मुसीबत बढ़ गई है. इनमें करावल नगर सीट से आप के टिकट पर पिछले विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज करने वाले कपिल मिश्रा, बवाना सीट से आप से ही विधायक रहे और इस्तीफा देकर बीजेपी में शामिल हुए वेद प्रकाश टिकट मांग रहे हैं. वेद प्रकाश को उपचुनाव में बीजेपी ने प्रत्याशी भी बनाया था, लेकिन वह आप उम्मीदवार से हार गए थे.
कौन लड़ेगा केजरीवाल के खिलाफ
कांग्रेस छोड़कर आए पूर्व विधायक अमरीश गौतम कोंडली से, आप से आए पूर्व विधायक अनिल वाजपेयी गांधीनगर से, देवली से अनिल कुमार, आरके पुरम से पूर्व विधायक रही बरखा सिंह, महिपालपुर सीट से पूर्व विधायक देवेंद्र सेहरावत टिकट की रेस में हैं. वहीं मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के खिलाफ कौन चुनाव लड़ेगा, इसके लिए बीजेपी में माथापच्ची जारी है.
जावड़ेकर ने दो दिन की बैठकें
प्रत्याशी चयन को लेकर दिल्ली के चुनाव प्रभारी प्रकाश जावड़ेकर ने दो दिन तक नेताओं के साथ लगातार बैठकें कीं. बीजेपी विधानसभा चुनाव में अवैध कॉलोनियों को वैध कर मालिकाना हक दिलाने के मोदी सरकार के फैसले के भरोसे है. माना यह जा रहा है कि मोदी सरकार के इस फैसले से 40 लाख लोगों को सीधा फायदा मिलेगा. बीजेपी इसे भुनाने में लगी है.
टिकट के सवाल पर क्या बोले नेता
मोतीनगर से टिकट के सवाल पर पूर्व मुख्यमंत्री मदन लाल खुराना के बेटे हरीश खुराना ने कहा कि बीजेपी में सीएम या किसी बड़े नेता का पुत्र होने के आधार पर बीजेपी में टिकट मिलता तो पिछले चुनाव में प्रत्याशी होता. मैं बीजेपी का कार्यकर्ता हूं और 10 साल से पार्टी के लिए काम कर रहा हूं. मीडिया प्रभारी भी रहा हूं.
उन्होंने कहा कि सामान्य कार्यकर्ता की तरह पार्टी के लिए काम करता हूं, मेरा काम सिर्फ पार्टी के लिए कार्य करना है. टिकट पार्टी हाई कमान तय करता है. वहीं कपिल मिश्रा ने सवाल टालते हुए कहा कि इस बार दिल्ली को तय करना है कि आखिर उनको क्या चाहिए ,दिल्ली का विकास या कुछ और.