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दिल्ली: नोटबंदी, जीएसटी के बाद फिर सन्नाटे में एशिया का सबसे बड़ा ऑटो पार्ट्स बाजार

आम तौर पर जब भी कोई नई गाड़ी खरीदता है तो सबसे पहले कार को सुरक्षित रखने के लिए, अपनी कार के आगे और पीछे यह सेफ्टी गार्ड लगाता है. अब इस मार्केट से जुड़े हजारों लोग इस नियम को अपनी रोजगार के संकट के तौर पर देख रहे हैं.

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प्रतीकात्मक तस्वीर
प्रतीकात्मक तस्वीर

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नोटबंदी फिर जीएसटी की मार से एशिया का सबसे बड़ा कश्मीरी गेट ऑटो पार्ट्स बाजार अभी ढंग से उबरा भी नहीं था कि अब एक बार फिर से इस मार्केट सन्नाटा पसरा हुआ है. बीते दिनों केंद्र सरकार ने एकाएक कार में लगने वाले सेफ्टी गार्ड यानी बंपर गार्ड को बैन कर दिया है.

आम तौर पर जब भी कोई नई गाड़ी खरीदता है तो सबसे पहले कार को सुरक्षित रखने के लिए, अपनी कार के आगे और पीछे यह सेफ्टी गार्ड लगाता है. अब इस मार्केट से जुड़े हजारों लोग इस नियम को अपनी रोजगार के संकट के तौर पर देख रहे हैं.

65 साल के कुलवंत सिंह पिछले 30 सालों से इसी चीज का काम कर रहे हैं. कुलवंत सिंह कहते हैं कि इस उम्र में अब क्या कर पाएंगे. उल्टा इनकी दुकान में काम करने वाले 15 लोगों की नौकरी पर सवाल खड़ा हो गया.

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वहीं दूसरी तरफ सबसे ज्यादा मार उन कर्मचारियों की है जो यहां पर रोजाना काम करते हैं. इनके लिए अब बीते 1 साल से घर चलाना भी मुश्किल हो रहा है .

इस इंडस्ट्री से जुडे़ लोगो का कहना है 20 लाख लोग प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष तौर पर प्रभावित होंगे. यही वजह है कि अब देशभर से इस इंडस्ट्री से जुड़े लोग दिल्ली में इकट्ठा होकर विरोध प्रदर्शन के बाद कोर्ट का रुख करने वाले हैं.

कार सेफ्टी पार्ट इंडस्ट्री एसोसिएशन के अध्यक्ष नरेंद्र मदान कहते हैं कि 20 लाख लोगों से जुड़े इस इंडस्ट्री के देशभर के लोग दिल्ली में जुट रहे हैं. हम यह चाहते हैं कि सरकार एक बार हम लोगों का पक्ष भी जान ले और उसके बाद कोई निर्णय ले. ऐसा न‍हीं होने पर मजबूरन हमें सड़क पर उतरना पड़ेगा और दूसरी ओर इस निर्णय को चुनौती देने के लिए कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाना पड़ेगा,  क्योंकि इतने लाख लोग अगर अचानक से बेरोजगार होंगे तो उसका जिम्मेदार कौन होगा. केंद्र सरकार के आदेश के बाद से इस मार्केट में सन्नाटा पसरा हुआ है, सैकड़ों लोगों को अपना रोजगार छिनने की आशंका है.

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