दिल्ली के एक वकील ने सामाजिक कार्यकर्ता अरुंधति रॉय के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है. उन्होंने अरुंधति रॉय के खिलाफ राजद्रोह का केस चलाए जाने की मांग की है. शिकायत में कहा गया है कि भारत में कोरोना महामारी को लेकर दिए एक इंटरव्यू में अरुंधति रॉय ने देश विरोधी बातें कही हैं. उनके खिलाफ राजद्रोह कानून, आईपीसी की धारा 124A और राष्ट्रीय सुरक्षा कानून 1980 के तहत FIR दर्ज की जानी चाहिए.
वकील ने कहा कि एक जर्मन न्यूज चैनल को दिए इंटरव्यू में उन्होंने न केवल कोरोना महामारी को लेकर भारत सरकार के कदम की आलोचना की है बल्कि वैश्विक स्तर पर देश की छवि को खराब करने का काम किया है. दरअसल, अरुंधति रॉय ने कहा था कि भारत सरकार कोविड-19 को हथियार बनाकर मुस्लिमों के खिलाफ नफरत फैलाने के लिए कर रही है.
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क्या कहा था अरुंधति रॉय ने
अरुंधति रॉय ने भारत सरकार पर आरोप लगाया कि वह कोरोना के संक्रमणकाल का इस्तेमाल हिन्दू और मुसलमानों के बीच तनाव को भड़काने के लिए कर रही है. उन्होंने कहा कि हिन्दू राष्ट्रवादी सरकार अपनी इस कथित रणनीति को इस बीमारी के साथ जोड़ कर कुछ और बनाने की कोशिश में है जिसे लेकर विश्व को अपनी नजर बनाए रखनी चाहिए. रॉय ने आगे बताया कि स्थिति जनसंहार की ओर बढ़ रही है.
उन्होंने आगे कहा कि मुझे लगता है कि कोविड-19 के चलते भारत के बारे में ऐसी कई चीजें उजागर हो गई हैं जो हम पहले से जानते थे. भारत के बारे में उनका कहना है कि हम केवल कोविड ही नहीं बल्कि नफरत और भूख का संकट झेल रहे हैं.