दिल्ली विधानसभा चुनाव आते ही बीजेपी को दलित समाज का मुद्दा याद आ गया है. दिल्ली प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष विजय गोयल दलितों को लुभाने में जुट गए हैं.
राहुल गांधी की तर्ज पर विजय गोयल ने दलितों को पटाने के लिए न सिर्फ पदयात्रा कर उन्हें लुभाने की कोशिश की, बल्कि उनकी बस्ती में रात को उनके साथ रात बिताने का निर्णय लिया. सेंट्रल दिल्ली के रंजीतनगर में दिल्ली बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने रविवार की रात पांडव नगर के बाल्मिकी मंदिर में गुजारने का निर्णय लिया.
इस मौके पर गोयल ने कहा, 'दिल्ली मे दलितों की उपेक्षा की गई है, चाहे वो शिक्षा का क्षेत्र हो या उनके समानता के अधिकार का. आज भी दलितों को उच्चस्तर तक शिक्षा नहीं मिल पाती.
पदयात्रा में वह सैकड़ों बीजेपी कार्यकर्ताओं के साथ दलित बस्तियों में घूम-घूमकर आने वाले चुनाव के लिए तैयारी करते नजर आये. गोयल ने वादा किया कि यदि उनकी पार्टी चुनाव के बाद सत्ता में आयी तो दरकिनार कर दिए गए इस समाज के कल्याण के लिए कई कदम उठाये जाएंगे.
बीते 14 अप्रैल को भी बीजेपी ने उत्तर दिल्ली के बुराड़ी में आंबेडकर जयंती मनाने के लिए एक बड़ा कार्यक्रम आयोजित किया था जिसमें पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह, लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज और गोयल आदि नेता शामिल हुए थे. बीजेपी ने दावा किया था कि इस दावत कार्यक्रम में दलित समुदाय के 16 हजार से अधिक लोग शामिल हुए.
चुनाव से पहले सभी राजनीतिक पार्टियों को जनता जनार्दन भगवान नजर आती है और वो उनको लुभाने के लिए हर कोशिश करते है. मगर पब्लिक सब जानती है. अब दिल्ली में आने वाला चुनाव और उसके नतीजे से ही पता चलेगा की कौन-कितना पानी में है.