दिल्ली सरकार द्वारा पेश किए गए बजट को लेकर तीनों निगमों के मेयर खफा हैं. इन मेयर ने दिल्ली सरकार पर तीनों निगमों के बजट में लगातार कटौती कर पंगु बनाने का आरोप लगाया है. साथ ही कहा कि दिल्ली सरकार ने पार्किंग व ट्रांसफर ड्यूटी के फंड को भी एक कर दिया है.
दक्षिणी दिल्ली की मेयर अनामिका मिथिलेश ने कहा कि दक्षिणी दिल्ली नगर निगम को दिल्ली सरकार ने वर्ष 2020-21 में शहरी विकास के मद में 106 करोड़ रुपये में से अभी तक कुल 94.89 करोड़ रुपये दिए हैं. शिक्षा के मद में 451 करोड़ रुपये में से कुल 390 करोड़ रुपये, मिडे मिल के मद में 23.70 करोड़ रुपये में से कुल 7.02 करोड़ रुपये, स्वास्थ्य के मद में 65 करोड़ रुपये में से 56.17 करोड़ रुपये दिए हैं और वहीं गैरयोजना मद में 1010.26 करोड़ रुपये में से 647.22 करोड़ रुपये ही अभी तक दिल्ली सरकार ने दिए हैं.
उत्तरी दिल्ली के मेयर जय प्रकाश ने कहा की दिल्ली सरकार के मुख्यमंत्री व उपमुख्यमंत्री द्वारा प्रस्तुत बजट में दिल्ली की जनता को बहुत सारे सपने दिखाए गए. दिल्ली सरकार ने निगमों के लिए वित्तीय वर्ष 2018-19 में 6930 करोड़ रुपये, वित्तीय वर्ष 2019-20 में 6380 करोड़ रुपये, वित्तीय वर्ष 2020-21 में 6828 करोड़ रुपये और इस वित्तीय वर्ष 2021-22 में 6172 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है. दिल्ली सरकार ने निगमों को दिए जाने वाले बजट में इस वर्ष लगभग 700 करोड़ रुपये की कटौती की है.
वहीं दिल्ली सरकार ने उत्तरी दिल्ली नगर निगम को वर्ष 2016-17 में कुल 2000 करोड़ रुपये के बजट में से 1745.93 करोड़ रुपये दिए थे. वर्ष 2017-18 में लगभग 2000 करोड़ रुपये के बजट में से 1993.31 करोड़ रुपये दिए थे. वर्ष 2018-19 कुल 2400 करोड़ रुपये के बजट में से 1865.66 करोड़ रुपये दिए थे. वर्ष 2019-20 में कुल 2400 करोड़ रुपये के बजट में से 1884.31 करोड़ रुपये दिए थे और वहीं वर्ष 2020-21 में कुल 2090 करोड़ रुपये के बजट में से अभी तक कुल 1460.82 करोड़ रुपये ही दिए हैं. उन्होंने दिल्ली सरकार से निवेदन किया कि तीनों निगमों को कुल 10,000 करोड़ रुपये के फंड की आवश्यक्ता है और दिल्ली सरकार अपने बजट में इसका प्रावधान करे.
पूर्वी दिल्ली के मेयर ने कहा कि दिल्ली सरकार सिर्फ नारों और विज्ञापनों में लगी हुई है. दिल्ली में विकास कार्यों से कोई लेना देना नहीं है. जैसे-जैसे राजस्व बढ़ता है, वैसे ही खर्च भी बढ़ता है. दिल्ली सरकार से पहले पार्किंग व ट्रांसफर ड्यूटी का फंड अलग से मिलता था, जोकि निगम का अधिकार है. अब दिल्ली सरकार ने पार्किंग व ट्रांसफर ड्यूटी को भी इस बजट में एक कर दिया है. उन्होंने कहा कि पूर्वी दिल्ली नगर निगम को वर्ष 2015-16 में 833.40 रुपये का फंड मिला था. वर्ष 2016-17 में कुल 905.81 करोड़ रुपये, वर्ष 2017-18 में कुल 1484.32 करोड़ रुपये, वर्ष 2018-19 में कुल 1840.50 करोड़ रुपये, वर्ष 2019-20 में कुल 1871.95 करोड़ रुपये, वर्ष 2020-21 में कुल 1696.65 करोड़ रुपये ही प्राप्त हुए हैं.