दिल्ली के जलमंत्री कपिल मिश्रा ने कहा है कि प्रधानमंत्री मोदी की अनूठी नोटबंदी के बदौलत आने वाली गर्मियों में दिल्ली का गला प्यास से सूखा रह सकता है. दरअसल ठेकेदारों के पास मजदूरों के दिहाड़ी देने के लिए पैसे नहीं हैं, लिहाजा जलबोर्ड के तमाम ठेके ठप पड़े हुए हैं.
कपिल मिश्रा इन दिनों जलबोर्ड के तमाम कामों की समीक्षा कर रहे हैं. अधिकारियों और ठेकेदारों को साथ बुलाकर ली जाने वाली इस समीक्षा बैठक में जलबोर्ड के चल रहे कामों की रफ्तार की जांच की जाती है. जलमंत्री का कहना है कि कैश के अभाव में सारे काम ठप पड़े हैं.
आने वाली गर्मियों में दिल्ली में जलसंकट ना हो, इस तैयारी के मद्देनजर तमाम सीवेज और पानी सप्लाई के नए प्रोजेक्ट केजरीवाल सरकार ने शुरू किए थे. लेकिन नोटबंदी के बाद ना सरकार के पास ठेकेदारों को देने के लिए नकदी है और ना ठेकेदार बैंकों से नकदी निकालकर मजदूरों को दे सकते हैं. इसका सीधा असर काम की रफ्तार पर पड़ रहा है.
लेकिन दिल्ली में जलसंकट कोई नई बात नहीं है. इसके पहले भी दिल्ली में हमेशा जलसंकट रहा है और हर साल दिल्ली की एक तिहाई से ज्यादा जनता गर्मी के दिनों में प्यासी ही रह जाती है. कभी जलसंकट के पीछे की वजह हरियाणा, पानी में बढ़ जाने वाली अमोनिया और मुनक नहर का निर्माण हुआ करती थी, तो अब नोटबंदी है.
कुल मिलाकर मंत्री जी के बयान के बाद सर्दी के मौसम में धूप सेंक रही दिल्ली गर्मियों के आने पर पानी बंदी की तैयारी अपने मन में अभी से कर ले, तो बेहतर होगा.