राष्ट्रीय राजधानी में दिल्ली विद्युत नियामक बोर्ड ने बिजली दरों में बदलाव की घोषणा की है. सरकार का दावा है कि बिजली की दरें कम हुई हैं, लेकिन दूसरी तरफ विपक्षियों ने सरकार पर गुमराह कर पीछे रास्ते से बिल महंगा करने का आरोप लगाया है.
गुरुवार सुबह तमाम अखबारों और टीवी चैनलों में भी मिली जुली राय वाली खबरें चलती रही. कहीं पर आम जनता को राहत की बात कही गई तो कहीं पर सरकार द्वारा दरों में बढ़ोतरी की बात कही गई.
शायद यही वजह रही होगी कि 2 दिन में तीसरी बार सरकार के नुमाइंदे मीडिया के सामने आए और अपना पक्ष रखा. गुरुवार दोपहर मंत्री सत्येंद्र जैन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरी स्थिति को दोबारा से स्पष्ट किया.
सब्सिडी में कोई बदलाव नहीं
सत्येंद्र जैन ने कहा कि अभी तक दिल्ली सरकार जो सब्सिडी देती थी, उसे बिल का 50% माना जाता था. लेकिन इस बार सरकार ने स्पष्ट किया कि सब्सिडी प्रतिशत के आधार पर नहीं दी जा रही है बल्कि प्रति यूनिट के आधार पर दी जा रही है जिससे अब आम जनता को और भी सस्ती दरों पर बिजली मिलेगी. मंत्री ने कहा कि दिल्ली में बिजली दरों में कटौती की गई, हर स्तर पर हमने दर कम किए जबकि मांग के अनुसार कीमतों को संशोधित किए.
बिजली मंत्री सत्येंद्र जैन ने तमाम कागजी आंकड़े दिखाते हुए उदाहरण भी दिए. उन्होंने कहा कि अब सरकार दो सौ यूनिट तक 2 रुपये सब्सिडी देगी. यानी बिल केवल 1 रुपये प्रति यूनिट का बनेगा. वहीं 200 यूनिट से 400 यूनिट तक 4.50 रुपये प्रति यूनिट है तो इस स्लैब में भी सब्सिडी पुरानी वाली 3 रुपये प्रति यूनिट मिलेगी, यानी अब आम जनता को केवल 1.5 रुपये प्रति यूनिट ही लगेगा. बरहाल सरकार की सफाई के बाद उम्मीद है कि अब आम जनता को बिजली के बिल में राहत जरूर मिलेगी.