दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने एक बार एलजी वीके सक्सेना पर आरोप लगाया है कि वे दिल्ली सरकार के शिक्षकों को टीचर ट्रेनिंग प्रोग्राम में शामिल होने के लिए फिनलैंड जाने से रोक रहे हैं. दिल्ली के टीचरों की फिनलैंड वाली फाइल लटकी है तो वहीं पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार ने अपने शिक्षकों को ट्रेनिंग के लिए सिंगापुर भेजने का फैसला किया है.
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने गुरुवार को कहा कि पंजाब के सरकारी स्कूलों के 36 प्रिंसिपल को सरकारी खर्चे पर एक सप्ताह के लिए सिंगापुर जाएंगे. मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि ये शिक्षक वहां टीचर ट्रेनिंग प्रोग्राम में शामिल होंगे.
बता दें कि पंजाब में पिछले साल विधानसभा चुनाव के दौरान AAP ने 'गारंटी' दी थी कि अगर वे सत्ता में आए तो राज्य की शिक्षा प्रणाली में आमूल-चूल बदलाव करेंगे. सीएम भगवंत ने कहा कि अब उनकी सरकार इस एजेंडे पर काम कर रही है.
भगवंत मान ने कहा, "चूंकि शिक्षक राष्ट्र निर्माता हैं जो शिक्षा के स्तर को ऊपर उठा सकते हैं, इसलिए यह गारंटी दी गई थी कि गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण सुनिश्चित करके उनके शिक्षण कौशल को बढ़ाया जाएगा."
सीएम भगवंत मान ने कहा कि ये टीचर 6 से 10 फरवरी तक प्रोफेशनल टीचर्स ट्रेनिंग सेमिनार में हिस्सा लेंगे. 11 फरवरी को इनकी वापसी होगी.
भगवंत मान ने कहा कि इस कदम से राज्य भर के हजारों छात्र लाभान्वित होंगे क्योंकि ये प्रिंसिपल अपने सहयोगियों और छात्रों के साथ अपने अनुभव साझा करेंगे, जो "छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए शिक्षकों की विशेषज्ञता और पेशेवर क्षमता को और बढ़ाने में मदद करेगा.
उन्होंने कहा कि इन प्रयासों से पंजाब शिक्षा के क्षेत्र में सबसे आगे चलने वाला राज्य बन जाएगा.
केजरीवाल ने गुरुवार को LG पर फिर किया हमला
इस बीच दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने अपने यहां के शिक्षकों सिंगापुर भेजने का मामला एक बार फिर उठाया. उन्होंने कहा कि दिल्ली की तरह पंजाब में भी सरकार स्कूलों में पढ़ाई-लिखाई को दुरुस्त किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि पंजाब के शिक्षकों को ट्रेनिंग के लिए विदेश भेजा जा रहा है.
केजरीवाल ने कहा कि जहां कई राज्य दिल्ली से सीख रहे हैं वहीं दिल्ली में गंदी राजनीति की वजह से ऐसे प्रोग्राम को अटकाया जा रहा है.
केजरीवाल ने कहा कि हमने शिक्षकों की ट्रेनिंग से जुड़ी फाइल को पहली बार 25 अक्टूबर को एलजी के पास भेजा था. सीएम ने कहा कि उन्होंने 15 दिनों तक फाइल को अपने पास रखा और कई आपत्तियां उठाई. हमने उनके संदेह को दूर कर दिया और फाइल को फिर से भेजा. अब एक बार फिर से पिछले 15 दिनों से फाइल उनके पास है. उन्होंने फाइल अबतक पास नहीं किया है.
दिल्ली सीएम ने कहा कि एलजी चुनी हुई सरकार के सुझावों पर काम करने के लिए बाध्य हैं.