दिल्ली महिला आयोग ने प्लेसमेंट के नाम पर धोखाधड़ी करने वाली एक कंपनी के चंगुल से 3 मासूम बच्चियों को छुड़ाया है. आयोग के मुताबिक प्लेसमेंट कंपनी अक्सर झारखंड से कम उम्र की लड़कियों को दिल्ली में नौकरी के लिए लेकर आते हैं. लेकिन 6 परिवारों से मिली शिकायत से पता चला कि लड़कियों को कमरों मे कैद करके रखा गया और और उनके साथ मारपीट भी की गई है.
'आजतक' से एक्सक्लूसिव बातचीत में आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने बताया कि दिल्ली महिला आयोग को परिवार ने 181 पर कॉल कर जानकारी दी कि इनके बेटे और बेटियों को झारखंड से एक प्लेसमेंट कंपनी उठाकर ले गई है. 3 साल तक प्लेसमेंट कंपनी ने बच्चों की बातचीत झारखंड में रह रहे परिवार से नहीं होने दी.
स्वाति मालीवाल के मुताबिक शिकायत के बाद दिल्ली महिला आयोग ने एक जाल बिछाया जिसके तहत मानव तस्कर को अक्षरधाम के पास बुलाकर दबोचा और पुलिस को सौंप दिया. हालांकि इस धंधे को चलाने वाली एक महिला गिरफ्तार कर ली गई है लेकिन उसका बेटा पकड़ से बाहर है. फिलहाल 3 लड़कियों को कैद से छुड़ा लिया गया है लेकिन 3 लड़कियां अब भी गायब हैं.
आगे स्वाति मालीवाल बताती हैं कि लड़कियों की उम्र बेहद कम है इसलिए उनकी चाइल्ड वेलफेयर कमिटी में पेशी हो रही है. हैरानी की बात यह है कि मानव तस्करी करने वाले शख्स ने इन परिवार के लोगों के घर जाकर खुली धमकी दी है. उस शख्स ने धमकी देते हुए कहा है कि परिवार के लोगों का बलात्कार और मर्डर कर दूंगा.
दिल्ली महिला आयोग का कहना है कि पूरे मामले में डीसीपी को नोटिस जारी कर रहे हैं. इसमे पुलिस से सवाल पूछ रहे हैं कि मानव तस्कर को अब तक गिरफ्तार क्यों नही किया गया? साथ ही आयोग से पुलिस मांग कर रही है कि एफआईआर में तमाम धाराएं जोड़कर मानव तस्कर कर रहे उस शख्स का नाम भी शामिल किया जाए, और झारखंड के इस परिवार को सुरक्षा दी जाए.
आयोग की चीफ स्वाति मालीवाल ने 'आजतक' से बातचीत में दावा किया कि दिल्ली में बहुत सारी ऐसी प्लेसमेंट कंपनियां हैं जो बिना किसी नियम को मानते हुए धड़ल्ले से चल रही हैं. यह कंपनियां दूसरे राज्यों से 8, 9, 12 और 13 साल की लड़कियों को दिल्ली में लाकर काम करवा रहे हैं. हालात यह हैं कि इन बच्चों को अपने परिवार से बातचीत नही करने दी जा रही है। बच्चों को किस तरह प्रताड़ित किया जाता है, इस मामले की जांच चल रही है.
पीड़ित पिता ने भी अपना दर्द जाहिर करते हुए बताया कि उनका परिवार गरीब है इस नाते अपनी बेटी को शहर में रुपए कमाने के लिए भेज दिया था. लेकिन पीड़ित पिता के मुताबिक 3 साल से न तो सैलरी मिल रही है और न ही लड़की से बात हो पा रही है. पिता का कहना है कि उनके परिवार को धमकी दी जा रही है कि अगर लड़की को झारखंड लेकर गए तो हत्या कर देंगे.
पीड़ित परिवार की एक महिला ने बताया कि प्लेसमेंट कंपनी पैसे की लालची है. बच्चों की सैलरी मांगने पर कंपनी के लोग मना कर देते थे. न फोन नंबर दिया जाता था और नाही फोन पर बातचीत कराई जाती है. तीन बार परिवार के लोग बच्चियों से मिलने आये लेकिन उन्हें रुपए नही दिए गए तो बिना टिकट के ट्रेन से झारखंड लौटना पड़ा. महिला ने आगे बताया कि वह अपनी आंखों से देख चुकी हैं कि जो लड़की काम नही करती उसे कमरे में बंद करके, टीवी की आवाज तेज करके बहुत पीटा जाता है.
पीड़ित परिवार की महिला ने एक हैरान करने वाला खुलासा किया. महिला ने बताया कि एक लड़की झारखंड से आई थी उसकी अचानक तबियत खराब हुई और पैर में सूजन आ गई थी. जब लड़की की हालत गंभीर हो गई तब उसकी दवाई कराने किसी अस्पताल ले गए थे. फिर एक दिन उसके परिवार को फोन करके कह दिया गया कि लड़की किसी लड़के के साथ भाग गई और बाद में लड़की की लाश मिली थी. महिला का आरोप है कि उसे धमकी देकर कहा जा रहा है कि अगर दिल्ली में नजर आई तो बलात्कार और मर्डर कर देंगे.
दिल्ली महिला आयोग सरकार से मांग करेगा की प्लेसमेंट कंपनियों के लिए सख्त कानून बनाए जाएं और जो कंपनियां गलत काम कर रही हैं उन पर कड़ी कार्रवाई हो. साथ ही आयोग उन लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग कर रहा है जो इन बच्चों को अपनी कोठियों में रखते हैं और इनके साथ गलत व्यवहार करते हैं.