दिल्ली में भले ही कोरोना से हालात न भिगड़े हों लेकिन जिस तरीके से यहां केस बढ़ रहे हैं, वह चिंता बढ़ा रही है. दिल्ली में पिछले कुछ दिनों से कोरोना के केस 300 के करीब बने हुए हैं. पिछले कई दिनों से दिल्ली में पॉजिटिविटी रेट 10% से अधिक दर्ज हो रहा है. इसी को लेकर सीएम अरविंद केजरीवाल आज दोपहर 12 बजे अहम बैठक की.
बैठक के बाद सीएम केजरीवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की. उन्होंने कहा कि दिल्लीवालों को कोरोना से डरने की कोई जरूरत नहीं है. हम सुरक्षा के सभी कदम उठा रहे हैं. 100 फीसदी जीनोम सीक्वेंसिंग की जा रही है. XBB1.16 वैरिएंट के 48% मामले सामने आ रहे हैं. उन्होंने कहा कि यह वैरिएंट बहुत तेजी से फैल रहा है लेकिन ये गंभीर नहीं है. हमारी कोविड मामलों से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार है.
उन्होंने कहा कि 7986 बेड तैयार हैं, इसमें ऑक्सिजन और ICU के बेड्स शामिल हैं. उन्होंने कहा कि हमारी क्षमता सरकारी लैब में 4000 टेस्ट करने की और प्राइवेट में 1 लाख टेस्ट करने की है. उन्होंने बताया कि 10 और 11 अप्रैल को सरकारी और प्राइवेट अस्पताल में मॉक ड्रिल की जाएगी. एयरपोर्ट में 2% यात्रियों की रेंडम टेस्टिंग कराई जाएगी. सभी सरकारी अस्पतालों को आइसोलेशन वॉर्ड आरक्षित करने के लिए कहा गया है. उन्होंने अपील करते हुए कहा कि जिन्हें वायरल और सांस की बीमारी हैं, वो मास्क जरूर लगाएं और केंद्र की गाइड लाइन का पालन करें.
एक हफ्ते में ऐसा रहा कोरोना का ट्रेंड
दिल्ली में 30 मार्च को 24 घंटे में 295 नए मामले सामने आए हैं. इस दौरान कुल 2363 टेस्ट किए गए. रिपोर्ट के मुताबिक इस दौरान पॉजिटिविटी रेट 12.48% दर्ज किया गया है. इसके साथ ही शहर में एक्टिव मामलों की संख्या 932 हो गई है. दिल्ली में सितंबर के बाद पहली बार कोरोना के 300 केस मिले हैं. पिछले 1 हफ्ते में 3 गुना केस बढ़े हैं. राजधानी में एक हफ्ते पहले हर रोज 100 के करीब केस मिल रहे थे. 29 मार्च को 300 मरीज संक्रमित पाए गए. दो मरीजों की मौत हो गई. संक्रमण दर 13.89 प्रतिशत दर्ज किया गया.
इसी तरह 28 मार्च को 214 मामले सामने आए और संक्रमण दर 11.82 प्रतिशत थी, 27 मार्च को 115 नए मामले सामने आए थे, वहीं 7.45 प्रतिशत संक्रमण दर थी. 26 मार्च को 153 नए मामले आए. इससे पहले 25 मार्च को 4.98 फीसदी संक्रमण दर के साथ 139 मामले सामने आए थे. 24 मार्च को 152 मामले सामने आए थे और 6.66 फीसदी संक्रमण दर रही थी. इसी तरह 23 मार्च को 4.95 प्रतिशत संक्रमण दर के साथ 117 मामले दर्ज हुए थे.
स्वास्थ्य मंत्री ने दी मास्क पहनने की सलाह
वहीं केस बढ़ने के बीच दिल्ली सरकार ने किसी भी स्थिति से निपटने का दावा किया. स्वास्थ्य मंत्री सौरभ भारद्वाज ने कोरोना, इन्फ्लूएंजा या फ्लू के लक्षण दिखने पर लोगों को मास्क लगाने की सलाह दी है. सौरभ भारद्वाज ने कहा कि कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं, लेकिन घबराने की जरूरत नहीं है. उन्होंने बताया कि कम संख्या में टेस्ट होने की वजह से पॉजिटिविटी रेट ज्यादा है.
उनका कहना है, "हम पिछले दो-तीन हफ्ते से दिल्ली में सीवेज की जांच कर रहे हैं. हमें कोरोना के लक्षण मिल रहे हैं. वायरस के प्रसार को रोकने के लिए शुरुआती पहचान जरूरी है. हम किसी भी संभावित प्रकोप का पता लगाने के प्रयासों में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं."
विदेश से आने वाले यात्रियों के लिए क्या
स्वास्थ्य मंत्री कह चुके हैं कि दिल्ली आने वाली इंटरनेशनल फ्लाइट्स के लिए केंद्र सरकार के प्रोटोकॉल को ही फॉलो किया जाएगा. 2 प्रतिशत रैंडम यात्रियों के टेस्ट कराए जाते हैं, हालांकि उसका रिजल्ट बेहद कम है. मास्क पहनना अनिवार्य करने को लेकर फिलहाल कोई भी प्रस्ताव मीटिंग में नहीं रखा गया है. बाकी राज्य में कोरोना वायरस से निपटने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं, इसकी रिपोर्ट भी हेल्थ डिपार्टमेंट तैयार करेगा और रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंपी जाएगी.
दिल्ली, मुंबई में वायरस फैलने का पैटर्न एक
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि मुंबई और दिल्ली जैसे महानगरों में वायरस फैलने का एक पैटर्न है. महाराष्ट्र में कोविड के मामलों में उछाल के कुछ हफ्तों बाद ही दिल्ली में अकसर मामले बढ़ जाते हैं. उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि वायरस को फैलने से रोकने के लिए कोविड-19 दिशानिर्देशों और प्रोटोकॉल का पालन करें. उन्होंने कहा कि जब-जब कोरोना के ट्रेंड आते हैं, दिल्ली में भी मामले बढ़ने लगते हैं, ऐसे में अस्पतालों और हेल्थ सेंटर में एडवाइजरी भेज दी गई है.
दिल्ली के अस्पतालों में कराई गई मॉक ड्रिल
कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच दिल्ली में 26 मार्च को सरकारी अस्पतालों में मॉक ड्रिल की थी. लोकनायक जयप्रकाश नारायण अस्पताल, सत्यवादी राजा हरिश्चंद्र अस्पताल और संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल में यह मॉक ड्रिल की गई थी. इसमें यह दिखा गया कि अगर किसी मरीज को अस्पताल लाया जाता है तो उसे रूम तक ले जाने में कितना समय लग सकता है. एलएनजेपी के मेडिकल डायरेक्टर डॉ. सुरेश कुमार के मुताबिक मरीजों को आईसीयू में ले जाने के लिए रेड कॉरिडोर बनाया गया है. अस्पताल में कोरोना मरीजों के लिए 450 बेड रिजर्व रखे गए हैं.
किस वैरिएंट की वजह से बढ़ रहे केस
एम्स के पूर्व डायरेक्टर डॉ. रणदीप गुलेरिया के मुताबिक दिल्ली में XBB.1.16 की वजह से मामले बढ़ रहे हैं. हालांकि उन्होंने कहा कि भले ही केस बढ़ रहे हों लेकिन डरने की जरूरत नहीं है, क्योंकि इससे गंभीर बीमारी नहीं हो रही है और न ही मौतों की संख्या बढ़ रही है. दिल्ली सरकार भी कहा चुकी है कि दिल्ली में कोरोना संक्रमण दर में बढ़ोतरी की तुलना पिछली लहर से नहीं कर सकते. यह वैरिएंट सीरियस नहीं है.