देश की राजधानी दिल्ली में कोरोना के मामले कंट्रोल में आ गए हैं. दूसरी लहर का प्रकोप थम चुका है और लगातार 100 से कम मामले दर्ज किए जा रहे हैं. दिल्ली में पिछले 10 दिनों से कोरोना के नए मरीज 100 के अंदर चल रहे हैं. ऐसे में स्थिति सुधर रही है और आने वाले दिनों में और बेहतर हो सकती है. पिछले 24 घंटे की बात करें तो दिल्ली में कोरोना के 76 नए मामले सामने आए हैं और एक मरीज ने जान गंवाई है.
दिल्ली में कोरोना इन कंट्रोल
दिल्ली में मौत के ग्राफ का नीचे जाना भी बड़ी राहत है. राजधानी में कोरोना की वजह से 25 हजार से ज्यादा मौतें हो चुकी हैं. लेकिन अब मौत का आंकड़ा कम हो रहा है. पिछले 24 घंटे में सिर्फ एक मरीज की जान गई है. बताया गया है कि 21 मार्च के बाद इतनी कम मौतें दर्ज की गई हैं. वैसे केस भी कम हो रहे हैं, मौत भी ज्यादा नहीं हैं, लेकिन दिल्ली में कोरोना टेस्ट की रफ्तार तेज बनी हुई है. शनिवार को कुल 81,451 टेस्ट किए गए हैं, इसमें भी RTPCR टेस्ट 56,212 रहे और एंटीजन 25,239. संक्रमण दर भी लगातार चौथे दिन 0.05 फीसदी रहा है, ऐसे में इस डिपार्टमेंट भी दिल्ली का प्रदर्शन उत्साह बढ़ाने वाला है.
राजधानी में रिकवरी दर भी 98.2 फीसदी बनी हुई है. ये एक ऐसा ट्रेंड है जहां पर सक्रिय मरीज कम हो रहे हैं और ठीक होने वाले मरीजों की संख्या ज्यादा है. अभी इस समय दिल्ली में सिर्फ 792 सक्रिय मरीज रह गए हैं, वहीं होम आइसोलेशन में भी 256 मरीज हैं.
केस कम, लापरवाही ज्यादा
अब कम होते मामलों के साथ लापरवाही की घटनाएं भी बढ़ती दिख गई हैं. दिल्ली के सभी प्रमुख बाजारों में लोगों का हुजूम देखने को मिल रहा है, सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ रही हैं और कोरोना का डर गायब हो चुका है. इस वजह से दिल्ली सरकार ने कई बाजारों को अनलॉक प्रक्रिया के दौरान भी बंद किया है. शनिवार को गफ्फार बाजार और नाईवाला बाजार को भी बंद करने का आदेश सुना दिया गया था. वहां भी कोरोना नियमों की लगातार अनदेखी हो रही थी. सरकार की तरफ स्पष्ट कर दिया गया है कि रियायतें भी सिर्फ तभी तक मिलेंगी जब तक कोरोना नियमों का सख्ती से पालन होगा.
देश में टीकाकरण की तेज रफ्तार
कोरोना के खिलाफ टीकाकरण को सबसे बड़ा हथियार बताया गया है. ऐसे में देश में अभी बड़े स्तर पर टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है. जुलाई महीने में टीकाकरण की गति बढ़ा दी गई है. पिछले 24 घंटे में भी 34 लाख से ज्यादा लोगों को कोरोना का टीका लगाया गया है. वहीं 18-44 उम्र वालों में भी 11.53 करोड़ लोगों को वैक्सीन लग चुकी है.