नए साल की शुरुआत में ही देश को दो कोरोना वैक्सीन मिल गई है. जल्द ही देश के कोने-कोने में बड़े स्तर पर वैक्सीनेशन का काम शुरू हो जाएगा. ऐसे में भारत सरकार के साथ अलग-अलग राज्य सरकारों ने भी अपनी तैयारी की है, ताकि वैक्सीनेशन का काम हो सके. देश की राजधानी दिल्ली एक वक्त में कोरोना का सेंटर बन गई थी, लेकिन अब स्थिति काबू में है. दिल्ली में भी वैक्सीनेशन की तैयारी ज़ोरों पर चल रही है.
केंद्र सरकार ने देश में शुरुआती चरणों में हेल्थवर्कर, कोरोना वॉरियर्स और बुजुर्गों को वैक्सीन देने का निर्णय किया है. इसी आधार पर दिल्ली में भी तैयारी हो रही है.
• दिल्ली में शुरुआती चरण में 51 लाख लोगों को वैक्सीन दी जाएगी. इनमें 3 लाख हेल्थकेयर, 6 लाख फ्रंटलाइन वर्कर्स शामिल हैं. जबकि बाकी वो लोग हैं, जिनकी उम्र 50 वर्ष से अधिक है.
• दिल्ली में कोरोना वैक्सीन की कुल 75 लाख से अधिक डोज स्टोर करने की क्षमता है. जल्द ही इसकी क्षमता एक करोड़ डोज़ से अधिक कर दी जाएगी.
• दिल्ली के सरकारी अस्पताल केंद्रों में ही वैक्सीनेशन का काम शुरू होगा. जिन लोगों को वैक्सीन दी जानी है, उनकी लिस्ट तैयार है. जल्द ही SMS के जरिए सभी को जानकारी दे दी जाएगी.
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• दिल्ली में वैक्सीनेशन के लिए रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया जारी है. ऐसे में सभी की लिस्ट बन रही है और वैक्सीनेशन के नंबर का इंतजार है. टीका सिर्फ उन्हें ही लगाया जाएगा, जिनका रजिस्ट्रेशन होगा.
• दिल्ली में कोरोना वैक्सीन को देने के लिए कुल 1000 सेंटर बनाए गए हैं, जो अलग-अलग जिलों में हैं. यहां आकर ही लोगों को वैक्सीन का टीका लगवाना होगा.
दिल्ली सरकार ने ऐलान किया है कि राजधानी में वैक्सीन बिल्कुल मुफ्त मिलेगी. एक दिन में करीब एक लाख लोगों को वैक्सीन दी जाएगी.
आपको बता दें कि दिल्ली में पिछले कुछ दिनों में कोरोना वायरस के मामलों में कमी आई है. एक वक्त जहां दिल्ली में 8000 मामले रोज आ रहे थे, अब ये संख्या 500 केस से भी कम तक चली गई है. साथ ही दिल्ली का रिकवरी रेट भी काफी बेहतर हो रहा है. ऐसे में सरकार को उम्मीद है कि कोरोना वैक्सीनेशन का काम सफलतापूर्वक आगे बढ़ेगा.