दिल्ली की राउज एवेन्यू अदालत ने जामिया नगर में पुलिस टीम पर हमला करने वाली भीड़ का नेतृत्व करने के आरोपी आप नेता अमानतुल्लाह खान को सशर्त अग्रिम जमानत दे दी है. इससे पहले अदालत ने मामले में उन्हें गिरफ्तारी से अंतरिम संरक्षण दिया था.
कोर्ट ने आप नेता को 25 हजार के जमानत बांड और इतनी ही राशि के जमानती पर अग्रिम जमानत दी है. अदालत ने कहा कि जब भी उन्हें बुलाया जाएगा तो उन्हें आना होगा और जांच में सहयोग करना होगा. साथ ही कोर्ट ने कहा कि वह सबूतों से छेड़छाड़ नहीं करेंगे और बिना परमिशन के देश नहीं छोड़ सकते हैं.
'हिरासत में पूछताछ की नहीं है जरूरत'
अदालत ने कहा, 'ऐसा मालूम होता है कि हिरासत में पूछताछ की कोई जरूरत नहीं है.' सतेंदर अंतिल मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर विचार करते हुए कोर्ट ने कहा, 'उस पर ऐसे अपराध करने का आरोप है, जिसके लिए सात वर्ष से कम की सजा हो सकती है. यहां किसी भी पुलिस अधिकारी को कोई चोट नहीं पहुंचाई गई है और आवेदक की कथित भूमिका को ध्यान में रखते हुए, अदालत की राय है कि केवल आपराधिक पृष्ठभूमि के आधार पर अग्रिम जमानत से इनकार नहीं किया जाना चाहिए.
अदालत में दिल्ली पुलिस के वकील ने दलील दी कि अमानतुल्लाह खान के खिलाफ छह लंबित जांच और पांच मामलों में ट्रायल चल रहा है. एक मामले में उन्हें जमानत मिली थी, लेकिन उसे रद्द करने की याचिका हाईकोर्ट में लंबित है.
इस पर कोर्ट ने पूछा, 'क्या अब तक कोई दोषसिद्धि (conviction) हुई है?' अमानतुल्लाह खान के वकील ने जवाब दिया, 'नहीं'. इस पर दिल्ली पुलिस ने कहा कि कई मामलों में गवाह मुकर गए हैं, जिससे संभावित रूप से मामला प्रभावित हो सकता है.
क्या है मामला
पुलिस के अनुसार यह उनके खिलाफ हमले (assault) का तीसरा मामला है. जब पुलिस अधिकारी ने उन्हें 'घोषित अपराधी' (PO) बताया, तो उन्होंने उसका पहचान पत्र (ID) छीन लिया. AAP विधायक अमानतुल्लाह खान पर आरोप है कि उन्होंने दिल्ली के जामिया नगर में पुलिस टीम पर हमले का नेतृत्व करने और कोर्ट से घोषित अपराधी को फरार कराने में मदद की थी. इसके बाद पुलिस ने उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी.