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दिल्ली धर्म संसद: सुप्रीम कोर्ट की फटकार का असर, हेट स्पीच पर पुलिस ने दर्ज की FIR

सुप्रीम कोर्ट ने पिछले दिनों सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस को फटकार लगाई थी. अब दिल्ली पुलिस ने अपने पुराने रुख से पलटते हुए नया हलफनामा दाखिल किया और कोर्ट को बताया कि उसने उपलब्ध सामग्री की जांच के बाद FIR दर्ज कर ली है.

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(File Photo)
(File Photo)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • सुप्रीम कोर्ट की फटकार का दिखा असर
  • पहले पुलिस ने हेट स्पीच की बात से इंकार किया था

दिल्ली धर्म संसद में हेट स्पीच के मामले में नया मोड़ आया है. सुप्रीम कोर्ट की फटकार का असर पुलिस-प्रशासन पर देखने को मिला है. दिल्ली पुलिस ने अब हेट स्पीच पर FIR दर्ज करने की है और इसकी जानकारी सुप्रीम कोर्ट में दाखिल ताजा हलफनामे में दी है.

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बता दें कि पिछले दिनों सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने फटकार लगाई थी. दिल्ली पुलिस ने अपने पुराने रुख से पलटते हुए नया हलफनामा दाखिल किया और सुप्रीम कोर्ट को बताया कि उसने उपलब्ध सामग्री की जांच के बाद FIR दर्ज कर ली है और इस केस में कानूनी प्रक्रिया के मुताबिक जांच की जा रही है.

दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई के बारे में विस्तार से बताया और हलफनामे में कहा कि शिकायत में दिए गए सभी लिंक और सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध अन्य सामग्रियों का विश्लेषण किया गया है. एक वीडियो YouTube पर भी पाया गया है. सामग्री के सत्यापन के बाद धारा 153 ए, 295 ए, 298 और 34 के अपराधों के लिए ओखला औद्योगिक क्षेत्र पुलिस स्टेशन में 4 मई को FIR दर्ज की गई है. बता दें कि दिल्ली पुलिस ने पहले हलफनामे में कहा था कि भाषण में किसी विशेष समुदाय के खिलाफ कोई घृणास्पद शब्द नहीं था. जो लोग मौके पर एकत्र हुए थे, वे अपने समुदाय की नैतिकता को बचाने के उद्देश्य से आए थे. 

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पहले पुलिस ने कहा था- कोई हेट स्पीच नहीं दी गई

गौरतलब है कि 19 दिसंबर को बनारसीदास चांदीवाला ऑडिटोरियम में हिंदू युवा वाहिनी ने कार्यक्रम का आयोजन किया था. पुलिस ने अपनी जांच के दौरान धर्म संसद के वीडियो और अन्य सामग्री की जांच में पाया कि इसमें धर्म की खासियत तो बताई गई, लेकिन किसी समुदाय के खिलाफ कोई हेट स्पीच नहीं दी गई.

पुलिस ने सभी शिकायतों को खत्म कर दिया था

दिल्ली पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि इस मामले में सभी शिकायतों को खत्म कर दिया गया है. वीडियो क्लिप में किसी भी धर्म समुदाय के खिलाफ कोई भी हेट स्पीच नजर नहीं आई. ऐसे में जांच और वीडियो की जांच के बाद पुलिस इस नतीजे पर पहुंची थी कि धर्मसंसद में किसी भी तरह के भड़काऊ भाषण नहीं दिए गए.

 

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