दिल्ली के द्वारका में स्कूली छात्रा पर तेजाब फेंकने के मामले को राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) ने बहुत गंभीरता से लिया है. आयोग ने डीसीपी द्वारका और डीएम साउथ वेस्ट डिस्ट्रिक्ट को नोटिस जारी कर इस मामले में 24 घंटे में जवाब मांगा है. इसके अलावा आयोग ने पुलिस को तेजाब विक्रेता को अरेस्ट कर उसके खिलाफ केस दर्ज करने का भी आदेश दिया है.
इससे पहले दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालिवाल ने ट्वीट कर बताया कि द्वारका मोड़ के पास एक स्कूली छात्रा पर तेजाब फेंका. हमारी टीम पीड़िता की मदद के लिए अस्पताल पहुंच रही है. बेटी को इंसाफ दिलाएंगे. दिल्ली महिला आयोग सालों से देश में तेजाब बैन करने की लड़ाई लड़ रहा है. कब जगेंगी सरकारें?
आज सुबह करीब 9 बजे छात्रा के ऊपर तेजाब फेंका गया था. इसके बाद लड़की को सफदरगंज अस्पताल में भर्ती कराया गया है. पुलिस के मुताबिक, छात्रा की उम्र 17 साल है. वह अपनी छोटी बहन के साथ खड़ी थी. तभी बाइक सवार दो युवकों ने उस पर एसिड फेंक दिया. छात्रा ने दो लड़कों पर शक जताया है. पुलिस ने इस मामले में एक संदिग्ध को हिरासत में लिया है.
आरोपियों ने ढक रखे थे चेहरे
इस घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आ गया है. फुटेज में देखा जा सकता है कि दो लड़के बाइक से आते हैं और छात्रा पर एसिड फेंक देते हैं. दोनों युवकों ने अपना चेहरा ढक रखा था. इसके बाद दोनों युवक बाइक से फरार हो गए. पुलिस लगातार युवकों की तलाश कर रही है.
पीड़ित छात्रा के पिता ने बताया कि घटना के बाद उनकी छोटी लड़की भागते हुए घर आई और बताया कि उसकी बड़ी बहन पर एसिड फेंका गया है. हमलावर दोनों युवकों ने अपने चेहरे ढक रखे थे. इसलिए उनकी अभी तक पहचान नहीं हो पाई है. छात्रा की दोनों आंखों में एसिड चला गया है.
बहन ने की आरोपियों की पहचान
छात्रा की बहन ने बताया कि जब हम स्कूल जा रहे थे, तभी दीदी एकदम चीखी, इसके बाद उन्होंने कहा कि पापा को बुलाओ. मैंने उनका चेहरा देखा, मैं घबरा गई. इसके बाद पापा को बुलाया. फिर दीदी को अस्पताल ले जाया गया. बाइक पर दो लोग थे. बाइक पर नंबर प्लेट नहीं थी. लेकिन कैमरे से मैंने पहचान लिया कि दो लोग हनी और सचिन थे. दोनों दीदी को पहले से जानते थे, लेकिन कुछ इश्यू हुआ था, इसके बाद बात बंद हो गई थी. हालांकि, दोनों लड़कों की पापा से बात होती थी. ये दोनों लड़के उस स्कूल में नहीं पढ़ते थे.