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नगर परिसीमन को लेकर दिल्ली चुनाव आयोग की बैठक

दिल्ली में निगम चुनाव को लेकर सरगर्मियां तेज़ हो गई. परिसीमन को लेकर दिल्ली चुनाव आयोग ने सारी पार्टियों से मुलाकात की जिसमे आम आदमी पार्टी, कांग्रेस, बीजेपी और बहुजन समाज पार्टी के नेता शामिल थे.

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परिसीमन को लेकर बंटे हैं मत
परिसीमन को लेकर बंटे हैं मत

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दिल्ली में निगम चुनाव को लेकर सरगर्मियां तेज़ हो गई. परिसीमन को लेकर दिल्ली चुनाव आयोग ने सारी पार्टियों से मुलाकात की जिसमे आम आदमी पार्टी, कांग्रेस, बीजेपी और बहुजन समाज पार्टी के नेता शामिल थे.

दरअसल परिसीमन को लेकर कांग्रेस और बीजेपी ने आपत्तियां जाहिर की थी जिसको लेकर चुनाव आयोग ने मीटिंग के लिए सारी पार्टियों को बुलाया. इसमें जनसंख्या को लेकर वार्ड का चयन और एससी सीटों को लेकर जल्द घोषणा पर विचार हुआ, क्योंकि बीजेपी और कांग्रेस का मानना था कि चुनाव को लेकर अब ज्यादा समय नहीं बचा है इसलिए इस पर जल्द फैसला होना चाहिए.

बीजेपी और कांग्रेस ने कई मुद्दों को लेकर अपनी समस्या बताई. जहां कांग्रेस और बीजेपी दोनों पार्टियों ने वार्ड की जनसंख्या को लेकर मुद्दा उठाया. उनका कहना था कि किसी वार्ड की जनसंख्या 80000 से ज्यादा है तो किसी में 50000 से नीचे, जबकि चुनाव आयोग ने 60000 की जनसंख्या को लेकर वार्ड बनाने की बात कही थी.

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वहीं एससी सीट को लेकर बीजेपी और कांग्रेस के अलग-अलग सुर थे. कांग्रेस की मांग है कि हर विधानसभा सीट में एक वार्ड एससी के लिए होना चाहिए तो बीजेपी चाहती है कि एससी जनसंख्या के आधार पर एससी सीट तय हो, यानी अगर एक विधानसभा के चार वार्डों में से 3 में भी एससी जनसंख्या ज्यादा होगा तो तीनों सीटों को एससी सीट बना देना चाहिए. लेकिन सभी पार्टियां चुनाव समय पर कराने के मुद्दे पर एक दिख रही थीं.

दरअसल, तीनों निगमो में बीजेपी का कब्ज़ा है, अगर जनसंख्या के आधार एससी सीट तय होती है तो बीजेपी को ज्यादा समस्या नहीं होगी, लेकिन अगर एक विधानसभा में एक एससी सीट तय होती है तो फिर बीजेपी में टिकटों के लिए मारामारी मचना तय होगा जिससे बीजेपी बचना चाहती है. बहरहाल चुनाव आयोग इससे पर फैसला लेगा.

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