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उद्योगों को राहत देगी दिल्ली सरकार, बिजली के फिक्सड चार्ज में 50% की कमी का ऐलान

दिल्ली के बिजली मंत्री सत्येंद्र जैन के मुताबिक ये छूट देने पर सरकार पर करीब 160 करोड़ रुपये का भार पड़ेगा. इससे लगभग 44,000 औद्योगिक उपभोक्ताओं और लगभग 10 लाख गैर घरेलू और वाणिज्यिक उपभोक्ताओं को लाभ होगा.

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दिल्ली के बिजली ग्राहकों को बड़ी राहत (फाइल फोटो-रॉयटर्स)
दिल्ली के बिजली ग्राहकों को बड़ी राहत (फाइल फोटो-रॉयटर्स)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • बिजली ग्राहकों को मिली बड़ी राहत
  • लॉकडाउन में बिजली बिल में 50% कमी
  • सरकार पर 160 करोड़ का भार पड़ेगा

दिल्ली सरकार ने बिजली ग्राहकों को बड़ी राहत दी है. दिल्ली विद्युत नियामक आयोग (डीईआरसी) ने अप्रैल 2020 और मई 2020 में पूर्ण लॉकडाउन के दौरान बिजली के फिक्स्ड चार्ज को 50 प्रतिशत तक घटा दिए हैं. इस अवधि के दौरान इन उपभोक्ताओं को 250 रुपये प्रति किलो वाट (केवीए) प्रतिमाह की जगह 125 रुपये प्रति केवीए प्रति महीने के हिसाब से बिल देना होगा. इस अवधि के दौरान कुल अप्रयुक्त क्षमता 80 प्रतिशत थी जिसमें से 84 प्रतिशत गैर घरेलू उपभोक्ताओं से संबंधित है और औद्योगिक उपभोक्ताओं के लिए 75 प्रतिशत है.

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दिल्ली के बिजली मंत्री सत्येंद्र जैन के मुताबिक ये छूट देने पर सरकार पर करीब 160 करोड़ रुपये का भार पड़ेगा. इससे लगभग 44,000 औद्योगिक उपभोक्ताओं और लगभग 10 लाख गैर घरेलू और वाणिज्यिक उपभोक्ताओं को लाभ होगा. 

दिल्ली विद्युत नियामक आयोग द्वारा जारी आदेश को ट्वीट करते हुए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा, ‘दिल्ली सरकार संकट की इस घड़ी में दिल्ली के लोगों के साथ खड़ी है. फिक्स्ड चार्ज में राहत देने से कोरोना के कारण कठिनाइयों का सामना कर रहे लाखों लोगों को मदद मिलेगी.' 

आदेश के मुताबिक आयोग ने यह फैसला किया है कि अप्रैल 2020 और मई 2020 से संबंधित बिजली के बिल के लिए, पात्र औद्योगिक और गैर-घरेलू (वाणिज्यिक, आदि) उपभोक्ता जिनकी मासिक अधिकतम मांग अनुबंध की मांग और स्वीकृति भार से कम है, ऐसे उपभोक्ताओं के लिए निर्धारित शुल्क की गणना के लिए बिलिंग मांग को दो भागों में विभाजित किया जाएगा.

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पहला, अधिकतम मांग तक बिलिंग की मांग के लिए निर्धारित शुल्क मौजूदा दर 250 रुपये प्रति केवीए प्रति महीने के हिसाब से बिल किया जाएगा. दूसरा, शेष बिलिंग डिमांड के लिए निश्चित प्रभार यानी, (कॉन्ट्रैक्ट डिमांड और स्वीकृत लोड माइनस मैक्सिमम डिमांड) मौजूदा दर के 50 प्रतिशत यानी, 125 रुपये केवीए प्रति महीने में बिल किया जाएगा. 

आदेश में कहा गया है कि लॉकडाउन के दौरान 30 मई 2020 तक अधिकांश गैर-घरेलू (वाणिज्यिक आदि) और औद्योगिक उपभोक्ताओं ने अनुबंधित क्षमता के तहत अपने सिस्टम का उपयोग नहीं किया, हालांकि, डीईआरसी (आपूर्ति संहिता और प्रदर्शन मानक विनियमन) 2017 के अनुसार बिलिंग मांग के आधार पर लागू दर पर निर्धारित शुल्क उन्हें बिल किया गया है.


 

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