अरविंद केजरीवाल सरकार में वित्त मंत्री आतिशी ने आजतक से विशेष बातचीत में बताया कि दिल्ली में 18 वर्ष से अधिक आयु की सभी महिलाओं को इस साल सितंबर या अक्टूबर तक मुख्यमंत्री महिला सम्मान योजना का लाभ मिलना शुरू हो जाएगा. उन्होंने दावा किया कि अरविंद केजरीवाल सरकार की इस लोकप्रिय योजना के लिए धन की कोई कमी नहीं है. आतिशी ने कहा कि केजरीवाल सरकार ने बीते 9 सालों में महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए कई कदम उठाए हैं. उन्होंने कहा कि दिल्ली के सरकारी स्कूलों में हमारी सरकार के अच्छे कामों का सबसे ज्यादा प्रभाव वहां पढ़ने जाने वाली लड़कियों पर पड़ा है.
आतिशी ने कहा कि मोहल्ला क्लीनिक के लाभार्थियों में 80 प्रतिशत महिलाएं हैं. आतिशी ने कहा कि आप महिलाओं के लिए हमारी निःशुल्क बस यात्रा योजना को देख लें. यह पहली बार नहीं है कि दिल्ली में इस तरह की कोई योजना शुरू की गई है. बल्कि मुख्यमंत्री महिला सम्मान योजना उन कई कार्यों की परिणति के रूप में आया है, जो हम इन बीते सभी वर्षों में करते रहे हैं. आतिशी ने कहा कि भारत में आम आदमी पार्टी के नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार एकमात्र ऐसी राज्य सरकार है, जो राजकोषीय घाटे में नहीं है. देश भर की अन्य सभी राज्य सरकारें राजकोषीय घाटे में हैं. दिल्ली में हमारे पास सरप्लस बजट है. पढ़ें आजतक के सवालों पर आतिशी के जवाब...
दिल्ली की महिलाओं को कबसे मिलेंगे 1000 रुपए?
आतिशी ने कहा कि किसी भी दिन आदर्श आचार संहिता लागू हो सकती है. इस योजना का नोटिफिकेशन लोकसभा चुनाव के बाद ही आने की संभावना है. सभी प्रक्रियाओं के पूरा होने के बाद, मुझे लगता है कि सितंबर या अक्टूबर के आसपास महिलाएं अपने बैंक खातों में 1000 रुपये पाने लगेंगी.
क्या यह योजना AAP सरकार का चुनावी हथकंडा है?
दिल्ली की वित्त मंत्री आतिशी ने कहा, 'जब बीजेपी अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधती है तो वे हमारी योजनाओं को रेवड़ी कल्चर कहते हैं. अगर उन्हें हमारी सरकार और हमारी योजनाओं से दिक्कत है, तो वे खुद हमसे कुछ बेहतर क्यों नहीं करते. गुजरात, मध्य प्रदेश, यूपी में उनकी सरकारें हैं, वे इन राज्यों में हमसे बेहतर योजनाएं लागू कर सकते हैं. वे केवल एक ही चीज़ जानते हैं कि चौबीसों घंटे अरविंद केजरीवाल को गाली देना है'.
मुख्यमंत्री महिला सम्मान योजना का दायरा क्या होगा?
आतिशी ने कहा, 'हमारा अपना आकलन है कि दिल्ली की लगभग 80% महिला मतदाता इस योजना के लिए पात्र होंगी. इस तरह लगभग 45-50 लाख महिलाओं को इस योजना का लाभ मिलेगा. यह देखना होगा कि इनमें से कितनी महिलाएं इस योजना के लिए आवेदन करती हैं.
टैक्स देने वाली महिलाएं इस योजना से बाहर क्यों हैं?
आतिशी ने इस बारे में कहा कि टैक्स पेयर महिलाओं को इस योजना की जरूरत नहीं है. यदि आप करदाता हैं, यदि आप सरकारी कर्मचारी हैं तो आपके पास पहले से ही पैसा आ रहा है/आय का स्रोत है.
क्या लोकसभा चुनावों के लिए महिलाओं पर फोकस है?
आतिशी ने कहा कि महिला मतदाताओं का झुकाव 2013 से ही AAP की ओर रहा है. महिलाओं ने 2013 में अपने परिवारों की इच्छा के खिलाफ जाकर अरविंद केजरीवाल को वोट दिया और झाड़ू चुनाव चिह्न का बटन दबाया.
महिलाएं AAP की स्वाभाविक मतदाता हैं. साथ ही, महिला मतदाताओं को एहसास हुआ है कि अरविंद केजरीवाल को अपनी जन-समर्थक नीतियों को पूरा करने में कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है. इसलिए यह लोकसभा चुनाव अरविंद केजरीवाल के हाथों को मजबूत करने के बारे में होना चाहिए.
भाजपा की तर्ज पर राम की राजनीति कर रही है AAP?
आतिशी ने कहा, 'हकीकत कुछ और है, ये बीजेपी है जिसे चुनाव आते ही भगवान राम याद आते हैं. उन्होंने कहा, 'भाजपा और उसके नेताओं के आचरण पर नजर डालें तो वे भगवान राम से ज्यादा रावण के ज्यादा करीब हैं. भगवान राम के सिद्धांतों को अपने शासन में लाने के लिए भाजपा ने अपने किसी भी राज्य में क्या किया है? AAP पिछले नौ वर्षों से दिल्ली के अंतिम व्यक्ति सहित प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में सुधार करके राम राज्य लाने के लिए काम कर रही है'.