दिल्ली सरकार के परिवहन विभाग ने सार्वजनिक सूचना जारी कर पेट्रोल पंप मालिकों को वैध PUC सर्टिफिकेट दिखाने पर ही वाहन चालकों को पेट्रोल, डीजल, CNG देने की तैयारी करने की सलाह दी है. परिवहन विभाग के मुताबिक वैध पीयूसीसी के बिना वाहन चलाने पर 10,000 रुपए का जुर्माना और 3 महीने तक की कैद या दोनों हो सकता है.
परिवहन विभाग ने सभी पेट्रोल, डीजल, सीएनजी पम्पों और वाहनों के मालिकों के लिए सूचना जारी की है. सूचना में कहा गया है कि पर्यावरण विभाग, दिल्ली सरकार पेट्रोल, डीजल, सीएनजी पंपों के सभी डीलरों को 25.10.22 से केवल वैध पीयूसीसी प्रस्तुत करने पर ही मोटर वाहनों को पेट्रोल, डीजल, सीएनजी प्रदान करने या बेचने के लिए एक अधिसूचना जारी करने पर विचार कर रहा है.
परिवहन विभाग की ओर से कहा गया है कि ऐसा इसलिए है, क्योंकि सीएमवीआर के नियम 5 (7) का अनुपालन सुनिश्चित किया जा सके. पेट्रोल, डीजल, सीएनजी पंपों के सभी डीलरों को सलाह दी जाती है कि वे 25.10.22 से वैध पीयूसीसी प्रस्तुत करने पर ही मोटर वाहनों को पेट्रोल, डीजल, सीएनजी प्रदान करने या बेचने की तैयारी कर लें.
परिवहन विभाग ने कहा है कि सभी वाहन मालिक जिनके वाहन पंजीकरण की तारीख से (इलेक्ट्रिक/बैटरी चालित वाहनों को छोड़कर) 0 वर्ष से अधिक पुराने हैं, को भी निर्देश दिया जाता है कि वे अपने प्रदूषण नियंत्रण के लिए वाहन की जांच करवाएं और असुविधा तथा कानूनी कार्यवाही से बचने के लिए 25.10.2022 से पूर्व वैध पीयूसीसी प्राप्त कर लें. वैध पीयूसीसी के बिना वाहन चलाने पर 10,000/- रुपए का जुर्माना तथा 03 महीने तक की कैद या दोनों हो सकता है.