देश की राजधानी में अब तक आपने स्मारकों को ऐतिहासिक विरासत का दर्जा मिलते सुना होगा. लेकिन अब केजरीवाल सरकार की पहल के बाद कई पुराने पेड़ भी दिल्ली की विरासत का हिस्सा होंगे.
सरकार ने 16 'हेरिटेज ट्री' की पहली सूची जारी की है. दुनिया के कई ऐसे शहर हैं जहां नेचुरल हेरिटेज को संजोया जाता है. अब दिल्ली भी ऐसे शहरो की कतार में शामिल हो गया है. अरावली और एनसीआर की चुनिंदा प्रजातियों के ये पेड़ अपने आप में एक खास पहचान रखते हैं. दिल्ली शहर में कई ऐसे मंदिर और मस्जिद हैं जो लोधी, खिलजी, तुगलक और ब्रिटिश के शासनकाल के हैं. इन पेड़ों की विरासत का इतिहास भी यहीं से शुरू होता है.
सरकार के मुताबिक 200 साल पुराने जामुन, पीपल, शहतूत और कादंब जैसे पेड़ दिल्ली से खत्म हो रहे हैं, जिन्हें बचाने की जरूरत है. हेरिटेज ट्री की बात करें तो कई जगहों की पहचान ही इन पेड़ों के बिना अब अधूरी है. आइए आपको सरकार द्वारा प्राकृतिक विरासत का हिस्सा बनाए गए 'हेरिटेज ट्री' लिस्ट बताते हैं. इनमें से ज्यादातर पेड़ साउथ दिल्ली और नई दिल्ली में देखे जा सकते हैं.
1. भीकाजी कामा का बरगद का पेड़.
2. तुगलकाबाद के खंडहरों में शान से खड़ा ऐलान्थस का पेड़.
3. लोधी गार्डन बड़ा गुम्बद के उत्तर में स्थित मशहूर आम का विशाल पेड़.
4. इंडिया गेट से 100 मीटर पर स्थित बरगद का पेड़, जो इंडिया गेट की पहचान का हिस्सा बन चुका है.
5. राजघाट संग्रहालय में अर्जुन का पेड़.
6. राज घाट स्थित अशोक वृक्ष.
7. तीन मूर्ति का विशाल नीम का पेड़.
8. नेहरू पार्क का ऐलान्थस पेड़.
9. नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा का बरगद का मशहूर पेड़.
10. कुतुब मस्जिद स्थित मशहूर स्लवाडोरा का पेड़.
11. बर्मा मिशन में स्थित पीपल का पेड़ जिसके नीचे भगवान बुद्ध की प्रतिमा है.
12. कटवारिया सराय सेंट्रल पार्क का बरगद का पेड़.
13. तीन मूर्ति के गार्डन में स्थित सेमाल का पेड़.
14. कदम शरीफ मस्जिद स्थित नीम का पेड़.
15. हौज खास डियर पार्क के पास स्थित पिलखन का पेड़.
16. हौज खास आर्ट विलेज के पास स्थित इमली का पेड़.
17. जैन मुनि की दादा बाड़ी स्थित पीपल का पेड़.
18. चिराग दिल्ली दरगाह का खिरनी का पेड़.
इन हेरिटेज पेड़ों के आसपास सरकार बाकायदा साइन बोर्ड लगाएगी जिसमें पेड़ के इतिहास से जुड़ी ऐतिहासिक जानकारी के साथ-साथ पेड़ को नुकसान न पहुंचाने की चेतावनी भी होगी. देश की राजधानी को वर्ल्ड हेल्थ आर्गेनाइजेशन ने सबसे ज्यादा प्रदूषित शहर का दर्जा दिया है. ऐसे में सरकार की चिंता दिल्ली के उन पेड़ों को लेकर हो रही है जो शहर की हवा को जहरीला होने से बचा सकते हैं.
आपको बता दें कि दिल्ली में हेरिटेज पेड़ों की पहचान करना इतना आसान नहीं था. ऑस्ट्रेलिया और भारत के जाने माने वैज्ञानिकों ने कई महीनों तक दिल्ली में रहकर हेरिटेज पेड़ों की लिस्ट तैयार की. सरकार ने उस लिस्ट में से 16 नाम चुने हैं. सरकार के मुताबिक आने वाले दिनों में अगर सुझाव मिलते हैं तो कई और पेड़ प्राकृतिक विरासत का हिस्सा बन सकते हैं.