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दिल्ली सरकार का आदेश, 8वीं तक के बच्चों के नहीं होंगे एग्जाम, होंगे प्रमोट

साल 2020 में प्राइमरी से लेकर मिडिल लेवल तक क्लासरूम पढ़ाई न होने के चलते लिखित परीक्षा को सब्जेक्ट असाइनमेंट और प्रोजेक्ट असेसमेंट से रिप्लेस कर दिया गया है. बच्चों को इन्हीं के आधार पर दिए जाएंगे नंबर और ग्रेड्स. बच्चों को 'नो डिटेंशन पॉलिसी' के तहत पास कर दिया जाएगा.

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कोरोना के चलते दिल्ली में लिखित परीक्षाएं नहीं ली जा रही हैं (फाइल फोटो)
कोरोना के चलते दिल्ली में लिखित परीक्षाएं नहीं ली जा रही हैं (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • कोरोना के चलते दिल्ली सरकार ने लिया फैसला
  • कक्षा 8 तक के बच्चों की कोई लिखित परीक्षा नहीं
  • नो डिटेंशन पॉलिसी के तहत बच्चे होंगे प्रमोट

दिल्ली के सरकारी स्कूलों में शैक्षणिक सत्र 2020-21 के लिए कक्षा 3 से लेकर कक्षा 8 तक के विद्यार्थियों की ऑफलाइन परीक्षाएं नहीं होंगी. इस बार इन कक्षाओं के छात्रों को दी गई वर्कशीट और असाइनमेंट के असेसमेंट के आधार पर उन्हें नंबर दिए  जाएंगे. साल 2020 में प्राइमरी से लेकर मिडिल लेवल तक क्लासरूम पढ़ाई न होने के चलते लिखित परीक्षा को सब्जेक्ट असाइनमेंट और प्रोजेक्ट असेसमेंट से रिप्लेस कर दिया गया है.

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साथ ही दिल्ली के सरकारी स्कूलों में शैक्षणिक सत्र 2020-21 में नर्सरी से लेकर कक्षा 2 तक के सभी विद्यार्थियों को अगले एकेडमिक सेशन के लिए सीधे अगली कक्षा में प्रमोट कर दिया जायेगा. हालांकि KG से लेकर दूसरी क्लास तक के विद्यार्थियों को ग्रेड्स या मार्क्स, विंटर ब्रेक असाइनमेंट और अभिभावकों के साथ साझा की गई वर्कशीट के आधार पर दिए जाएंगे

दिल्ली के शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने 'आजतक' को बताया कि " क्लास 8 तक के सभी बच्चे नो डिटेन्शन पॉलिसी के तहत अगली क्लास में प्रमोट कर दिए जाएंगे. लेकिन इस साल बच्चों ने सेमी ऑनलाइन क्लासेज में क्या सीखा ये समझना भी जरूरी है, ताकि हम अगले शैक्षणिक सत्र के लिए बेहतर तैयारी कर सकें. इसलिए हम इस साल कक्षा 8 तक के बच्चों को किसी लिखित परीक्षा की जगह, उन्होंने जो पूरे साल वर्कशीट्स और असाइनमेंट किया है उसी के आधार पर मूल्यांकन कर रहे हैं."

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बता दें कि दिल्ली के उपमुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने आजतक को बीते दिनों ये भी बताया था कि दिल्ली सरकार अगले शैक्षणिक सत्र से बच्चों के लिए 'देशभक्ति पाठ्यक्रम' लाने जा रही है. जिसका उद्देश्य बच्चों में अच्छे मूल्य डालना और उन्हें एक अच्छा नागरिक बनाना है.

 

 

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