आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता राघव चड्ढा और आतिशी की याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया है. राघव चड्ढा और आतिशी ने उपराज्यपाल और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के आवास के बाहर विरोध प्रदर्शन नहीं करने देने के मामले में दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था.
पुलिस की दलील थी कि दिल्ली में डीडीएमए नियम लागू होने की वजह से 31 दिसंबर तक किसी भी राजनीतिक सभा/गतिविधियों को अनुमति नहीं दी जा सकती है. फिलहाल इस मामले में अब जनवरी के दूसरे सप्ताह में सुनवाई होगी.
दिल्ली हाई कोर्ट के जस्टिस नवीन चावला AAP विधायकों राघव चड्ढा और आतिशी की उन याचिकाओं पर सुनवाई कर रहे थे जिनमें दिल्ली पुलिस के फैसले को चुनौती दी गई है. दिल्ली पुलिस ने आम आदमी पार्टी के इन नेताओं को गृह मंत्री अमित शाह और उपराज्यपाल अनिल बैजल के घर के बाहर प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार कर दिया था.
राघव चड्ढा के लिए हाई कोर्ट में वकील सात्विक वर्मा पेश हुए. वहीं दिल्ली पुलिस की तरफ से पेश हुए वकील गौतम नारायण ने कहा कि डीडीएमए नियम कहता है कि प्रतिबंध बनाए रखा जाए. डीडीएमए के दो आदेश हैं. दिल्ली पुलिस ने कहा कि नियम के मुताबिक दिल्ली में कोई भी राजनीतिक गतिविधि प्रतिबंधित है. लिहाजा उन्हें प्रदर्शन करने से रोका गया.
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पुलिस ने दलील दी कि दूसरा पहलू हाई कोर्ट का एक आदेश है जिसके चलते विरोध प्रदर्शन को रोक दिया गया. हालांकि यह किसी सड़क से जुड़ा हुआ नहीं है, लेकिन प्रस्तावित दिशा-निर्देशों में गणमान्य शख्सियतों के आवास से न्यूनतम दूरी निर्धारित करना शामिल है. दिल्ली शहर में केवल दो निर्दिष्ट स्थान हैं जहां विरोध की अनुमति है- एक जंतर मंतर है, दूसरा रामलीला मैदान है. इन दो क्षेत्रों के अलावा किसी भी क्षेत्र में विरोध प्रदर्शन नहीं किया जा सकता है.