कोरोना वायरस की महामारी के थोड़ा नियंत्रित होते ही अब इस दौरान स्वास्थ्य उपकरणों की खरीद को लेकर सियासत हो रही है. प्रमुख विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी की ओर से स्वास्थ्य उपकरणों की खरीद में धांधली के आरोप लगाए गए तो अब दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभाग ने इन आरोपों को लेकर बयान जारी किया है. दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभाग ने अधिक कीमत पर ऑक्सीमीटर खरीदने के आरोपों को नकारते हुए कहा है कि 90 हजार की एमआरपी वाले ऑक्सीमीटर की 66 हजार में खरीद की गई.
दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी बयान के मुताबिक दो तरह के ऑक्सीमीटर की खरीद की गई थी. एक फिंगर टिप पल्स ऑक्सीमीटर और दूसरा टेबल टॉप पल्स ऑक्सीमीटर. स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक ज्यादातर फिंगर टिप पल्स ऑक्सीमीटर खरीदे गए थे. नवजात शिशुओं के लिए हॉस्पिटल में इस्तेमाल करने के लिए कुछ टेबल टॉप पल्स ऑक्सीमीटर की खरीद भी की गई थी.
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स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक टेबल टॉप ऑक्सीमीटर फिंगर टिप ऑक्सीमीटर से बिल्कुल अलग होते हैं. फिंगर टिप पल्स ऑक्सीमीटर अधिक खरीदे गए. स्वास्थ्य विभाग ने बताया है कि फिंगर टिप पल्स ऑक्सीमीटर 355 रुपये से लेकर 1383 रुपये तक की दर से खरीदे गए. इनकी खरीद जीईएम पर उपलब्धता के अनुसार अलग-अलग समय में की गई.
दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभाग ने यह भी बताया है कि टेबल टॉप पल्स ऑक्सीमीटर 66320 रुपये की दर से खरीदे गए हैं. इनकी एमआरपी 90 हजार रुपये थी. सभी पल्स ऑक्सीमीटर की खरीद जीईएम के माध्यम से की गई है. गौरतलब है कि बीजेपी की ओर से यह आरोप लगाया गया था कि दिल्ली के स्वास्थ्य विभाग ने कम कीमत के ऑक्सीमीटर की खरीद अधिक कीमत पर की है.
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