कोरोना वायरस (Corona Virus) की दूसरी लहर (Second Wave) के दौरान दिल्ली में सामने आए मामलों में से 80 प्रतिशत मामले ऐसे थे जिनमें डेल्टा वैैरिएंट (Delta Variant) का संक्रमण था. यह जानाकारी दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने दी है.
दिल्ली में जीनोम सीक्वेंसिंग लैब के नतीजों पर उन्होंने कहा कि दूसरी वेव जो थी उसमें भी ज्यादात्तर 80% डेल्टा वेरियंट पाया गया है. हमने उस समय के सैम्पल और उसके बाद के सैम्पल दोनों की जीनोम सीक्वेंसिंग कराई थी जिनमें 80% डेल्टा वेरियंट ही आ रहा है. हमने पुराने सैम्पल को भी सेव करके रखा था. उनकी भी जांच की गयी और नये सैम्पल की भी जांच हुई है.सभी में डेल्टा वेरियंट ही निकला है.
कोरोना की तीसरी लहर की संभावनाओं को लेकर उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार 37 हज़ार बेड की तैयारी कर रही है. इस बार 12 हज़ार आईसीयू बेड तैयार कर रहे हैं. पिछली बार 6 हज़ार आईसीयू थे और लगभग 22-23 हज़ार ही बेड थे, इस बार संख्या दुगनी कर रहे है. पिछली बार बच्चों की तैयारी के लिये जितना परसेंट था .उससे ज़्यादा कर रहे है. हालांकि बच्चों के अस्पताल जाने की संख्या का प्रतिशत पिछली बार बहुत कम था.
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जैन ने बताया कि ग्रेडेड रिस्पांस सिस्टम लागू कर दिया है. अगर संक्रमण दर 0.5 फ़ीसदी तक पंहुचती है तो पहला लेवल स्टार्ट हो जाएगा. अगर ये दर 1 फ़ीसदी होती है तो दूसरा लेवल शुरू हो जायेगा. 2 प्रतिशत में तीसरा लेवल स्टार्ट हो जायेगा और 5 प्रतिशत संक्रमण दर होने पर पर चौथा लेवल शुरू हो जायेगा औ इसे रेड अलर्ट माना जाएगा. ऑक्सीजन पर केन्द्र सरकार ने क्या डाटा मांगा है कि सवाल पर उन्होंने कहा कि केन्द्र ने अभी तक डाटा नहीं मांगा है. इसके बारे में बाक़ी जानकारी बाद में दी जाएगी.