तुगलकाबाद किले का ठीक से रख-रखाव न करने और उसे अतिक्रमण से बचाने में नाकाम रहने पर दिल्ली हाई कोर्ट ने भारतीय पुरातत्व विभाग (एएसआई) की खिंचाई करते हुए कहा कि दिल्ली जितना पुराना इतिहास किसी और शहर का नहीं है. उसके बावजूद दिल्ली की ऐतिहासिक धरोहर को लेकर आपका ये रवैया है.
दिल्ली जितना पुराना इतिहास किसी शहर का नहीं है चाहे वह मुम्बई हो या कोलकाता. इसलिए देश की अगली पीढ़ियों के लिए संबंधित अधिकारियों द्वारा दिल्ली के इतिहास के संरक्षण की जरूरत है. कोर्ट ने कहा कि समय के साथ-साथ इस किले के आसपास लगातार अतिक्रमण और अवैध निर्माण होता रहा है. जबकि इस इलाके में किसी भी तरह के निर्माण करने की इजाजत नहीं है. यह इमारतें भारत का गौरव हैं और आम जनता के आने-जाने और घूमने के लिए हैं.
एएसआई के अतिक्रमण रोकने में असमर्थता जताने को गंभीरता से लेते हुए कोर्ट ने कहा कि इससे अच्छा यह होगा कि आप इस किले को गिरा दो. इस किले को संरक्षित इमारत घोषित किया जा चुका है. ऐसे में इसका संरक्षण करना संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी है.
हाई कोर्ट ने कहा कि पर्यटकों को भारत में लाने के प्रयास किए जाने चाहिए ताकि वह भारतीय इतिहास को जाने और दूसरे देशों को एक अच्छा संदेश जाए. हाई कोर्ट इस मामले में स्थानीय निवासियों की तरफ से दायर याचिकाओं पर सुनवाई कर रही है. याचिकाओं में आरोप लगाया गया है कि एएसआई तुगलकाबाद किले का सही से रख-रखाव नहीं कर पा रही है. आरोप है कि इस किले के अंदर लोगों ने निर्माण कर लिया है और सरकारी जमीन पर कब्जा जमाना चाह रहे हैं.